राज्य सरकार की चीनी मिलों पर मेहरबानी से खजाने को करोड़ों
रुपये का नुकसान होगा।
प्रवेश कर में छूट देने से महज एक साल में ही
वाणिज्य कर विभाग को 219 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
बहरहाल वाणिज्य
कर विभाग वर्ष 2013-14 में प्रवेश कर पर छूट देने का प्रस्ताव कैबिनेट से
पास कराने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने इस पर न्याय विभाग की राय मांगी
है।
प्रदेश के चीनी मिल मालिकों ने सत्र
शुरू होने के बाद भी पेराई शुरू नहीं थी। चीनी मिल मालिकों ने मांगों को
लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।
इसके बाद ही चीनी मिल
मालिकों को राहत देने संबंधी घोषणा कर दी गई थी। घोषणा किए जाने के बाद अब
कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराने की तैयारी है।
वाणिज्य कर विभाग के प्रस्ताव
के मुताबिक चीनी मिलों से 2 प्रतिशत की दर से प्रवेश कर लिया जाता है।
प्रति क्विंटल 2.75 रुपये प्रवेश कर पड़ता है।