लघु उद्योग विभाग में अब लापरवाही नहीं चलेगी। प्रदेश के लघु
उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भगवत सरन
गंगवार ने वित्तीय प्रगति संतोषजनक न होने पर नाराजगी जताई है।
विभाग में
संचालित योजनाओं पर चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक मात्र 30 प्रतिशत ही
खर्च हो पाया है। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत खर्च न करने वाले अधिकारियों
के खिलाफ कठोर कार्रवाई जाएगी।
गंगवार बृहस्पतिवार को अधिकारियों के साथ
बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ व वाराणसी हवाई अड्डों के साथ दिल्ली
हवाई अड्डे से भी निर्यात शुरू करने की अनुमति पर विचार किया जा रहा है।
मंत्री
के समक्ष बरेली में जरी उद्योग तथा आगरा व फीरोजाबाद के औद्योगिक
क्षेत्रों के विस्तार के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि
महिला उद्यमी योजना में अभी तक केवल 5.70 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं।
इस
योजना में 40 जिलों में 600 महिला उद्यमियों को अपना उद्यम लगाने के लिए ऋण
उपलब्ध कराना है। जिन महिलाओं के आवेदन निरस्त हो गए हैं, उनके आवेदनों पर
पुन: विचार किया जाए।
दिसंबर तक इस योजना में 75 करोड़ उपयोग होने पर ही
केंद्र सरकार से 100 करोड़ की और मांग की जा सकती है। इस
योजना में लखनऊ महोत्सव में 49 महिला उद्यमियों का चयन किया गया।
अनुसूचित
जाति, जनजाति के लिए स्वरोजगार के प्रशिक्षण मद में दो करोड़ के बजट के
बाद भी वित्तीय प्रगति बहुत कम है।
प्रदेश भर में उद्योग लगाने के लिए
प्रोत्साहन देने को उद्योग मेला लगाने को तीन करोड़ का बजट है, लेकिन इसकी
प्रगति भी संतोषजनक नहीं है।