आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी जिला निर्वाचन इकाई ईवीएम की
फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) 21 अक्तूबर से शुरू कराएगी।
चुनाव आयोग के
निर्देश पर बंगलूरू से विशेषज्ञों की टीम 20 अक्तूबर तक शहर पहुंचेगी। टीम
विधानसभा चुनाव के बाद से स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम की जांच कर
क्रियाशीलता परखेगी।
फैजाबाद रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में होने
वाली एफएलसी के दौरान जिले में निर्धारित मतदान केंद्रों के आधार पर 7416
बैलेट यूनिट व 4803 कंट्रोल यूनिट मशीनों की तीन चरणों में जांच की जाएगी।
जिला प्रशासन कसौटी पर खरी न उतरने वाली ईवीएम को टेक्नीकल कमेटी की
रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग से बदलने की सिफारिश करेगा।
कार्यवाहक
एडीएम प्रशासन एसके सिंह यादव ने बताया कि जिले में लोकसभा चुनाव के लिए
ईवीएम को नवंबर तक जांच के आधार पर दुरुस्त कराने के लिए ही सभी ईवीएम की
एफएलसी हो रही है।
अभियान के दौरान बीते विधानसभा चुनाव के बाद से न्यायालय
में लंबित एक वाद के कारण स्ट्रांग रूम में बंद 3200 से अधिक ईवीएम को भी
एफएलसी में शामिल किया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट पीपी पाल ने बताया कि कोर्ट
स्तर से स्ट्रांग रूम में बंद इन ईवीएम को रिलीज कराने का निर्देश प्राप्त
कर लिया गया है। आयोग द्वारा ईवीएम की जांच के लिए बंगलूरू से बुलाई जाने वाली इंजीनियरों की टीम तीन चरणों में ईवीएम की एफएलसी पूरी करेगी।
जिला
निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि एफएलसी पूरी हो जाने के बाद
मशीन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही नामांकन प्रक्रिया पूरी होने पर
प्रत्याशियों के नाम व चुनाव चिह्न की फीडिंग करते समय ही ‘कोई भी पसंद
नहीं’ का अतिरिक्त ऑप्शन जोड़ा जाएगा।
एडीएम प्रशासन ने बताया कि जिले में
लोकसभा चुनाव के लिए प्रस्तावित मतदान बूथों के आधार पर 3237 ईवीएम की
जरूरत पड़ेगी।
इसके साथ ही बीस फीसदी ईवीएम बैकअप में सुरक्षित रखी जाएंगी,
ताकि किसी भी मतदान बूथ में ईवीएम के खराब होने की सूचना पर इसे बदला जा
सके।
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