नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद से प्रदेश कांग्रेस के बहुत से नेताओं को कुर्सी छिनने का डर सताने लगा है।
खास तौर पर उन नेताओं में ज्यादा बेचैनी है जिनका जमीन पर कोई आधार नहीं है लेकिन तिकड़म से पदाधिकारी बने हुए हैं। यह तय माना जा रहा है कि आम चुनाव के मद्देनजर मिस्त्री जी जल्द ही संगठन का नट बोल्ट टाइट करेंगे।
ऐसे में मिस्त्री की ‘गुडबुक’ में शामिल होने की नेताओं में होड़ मची है। वजह साफ है कि मिस्त्री का कनेक्शन सीधे 10, जनपथ और राहुल गांधी से है।
उनका फीडबैक ही प्रदेश कांग्रेस नेताओं का भविष्य तय करने वाला है। ऐसे में हर नेता की यही कोशिश है कि कुछ न कुछ ऐसा करें जिससे मिस्त्री की नजर में रहे और नौकरी बची रहे।
ऐसे नेता ज्यादा ही परेशान हैं जिनके ऊपर किसी न किसी खेमे से जुड़े होने का ठप्पा लगा है। चुटकी ली जा रही है कि मिस्त्री जब ठोंक-पीट शुरू करेंगे तो थोड़ी टूट-फूट होगी ही।
ठोंक-पीट का असर किसी भी हिस्से पड़ सकता है इसीलिए अभी से हाथ-पांव मार लेने में ही समझदारी है।