सरकार में अंबेडकरनगर वाले चचा का रुतबा एकाएक बढ़ गया है।
हालांकि वह पहले भी ‘सरकार’ की गुडबुक में शामिल थे लेकिन जब से दुर्गाशक्ति मामले में उन्होंने मीडिया पर हमला बोला तब से ‘सरकार’ की आंख के तारे हो गए हैं।
मौका कोई भी हो चचा ‘सरकार’ के बगल में खड़े दिखाई देते हैं। पार्टी में भी चचा को ‘सरकार’ का सबसे भरोसेमंद माना जाने लगा है।
बीते दिनों तो ‘सरकार’ ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही चचा को आगे करके नौकरशाही को भी संदेश दे दिया कि उनकी क्या अहमियत है।
चर्चा तो यहां तक है कि अपने खां साहब के नखरे अब ‘सरकार’ को भी नागवार गुजर रहे हैं इसलिए रणनीति के तहत चचा को मुसलिम चेहरे के रूप में आगे लाने की कोशिश की जा रही है।
अब चचा बेचारे ठहरे सीधे-सादे। जो जहां जैसे चाहे उनका इस्तेमाल कर ले, वह तो तैयार ही रहते हैं।
आजकल उनका जलवा देखकर वह नेता जरूर मायूस हैं जो सरकार बनने के बाद से ‘सरकार’ की ‘गुडबुक’ में शामिल होने के लिए हर तरह के हथ्ाकंडे अपना रहे थे।