संभागीय परिवहन दफ्तर में अब वर्ष 1988 से 1994 के बीच बने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) का स्मार्ट कार्ड के रूप में नवीनीकरण होना शुरू हो गया है।
लखनऊ संभाग के परिवहन उपायुक्त गंगाफल ने बताया कि जो डीएल 1988 और 1994 के बीच बने थे उनका विवरण साफ्टवेयर में फीड नहीं हो पाया था।
इसके कारण ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण में मोटर अधिनियम एक्ट की खामी आड़े आ रही थी।
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काफी प्रयास के बाद अब स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले साफ्टवेयर में बदलाव करके इस खामी को दूर कर लिया गया है।
इससे उपरोक्त वर्षों के बीच बने डीएल का आसानी से नवीनीकरण हो सकता है।
बताया कि यह सुविधा लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली सहित सभी जिलोें के ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को मिलना शुरू हो गई है।
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