राजधानी में मेट्रो का निर्माण कार्य अमौसी से मुंशी पुलिया तक एक साथ शुरू किया जाएगा, मगर गाड़ी सबसे पहले अमौसी से आलमबाग स्टेशन के बीच दौड़ेगी।
2016 के आखिर तक आलमबाग को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। जबकि इसके बाद प्रत्येक तीन महीने के अंतराल पर दो से तीन नए स्टेशनों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
मेट्रो रेल संचालन के लिए जो अधिनियम भेजे गए थे, केंद्र सरकार ने उनको मंजूरी दे दी है।
जिसके बाद में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन गठन इसी महीने तक कर लिया जाएगा। जिसके बोर्ड में शुरुआती तौर पर केवल राज्य सरकार के ही मेंबर होंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन की तर्ज पर ही राजधानी में मेट्रो दौड़ेगी।
जबकि पांच कंपनियों से यह काम लिया जाएगा। डीएमआरसी अंतरिम कंसलटेंट के तौर पर मंगलवार तक लखनऊ मेट्रो सेल से जुड़ जाएगा। इस बात का फैसला कैबिनेट में होगा।
सबसे पहले राज्य सरकार का रुपया इस परियोजना पर खर्च होगा। एलडीए, आवास विकास परिषद और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) इसमें आर्थिक सहयोग करेंगे।
लखनऊ मेट्रो सेल के जनपथ स्थित मुख्यालय के उद्घाटन अवसर पर रविवार को यह जानकारी मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने दी।
इस मुख्यालय का उद्घाटन बतौर चीफ गेस्ट मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने किया। इस कार्यालय में सोमवार से मेट्रो से जुड़े तमाम काम किए जाएंगे।