परिवहन निगम ने फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने वाले 105 संविदा
कंडक्टरों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
साथ ही
इनकी नियुक्ति में लापरवाही बरतने वाले क्षेत्रीय प्रबंधकों व सहायक
प्रबंधकों पर भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
रोडवेज
में कुछ महीने पहले संविदा पर कंडक्टरों की नियुक्तियां हुई थीं। इनमें
आवेदकों ने एनसीसी, प्रांतीय रक्षक दल व होमगार्ड के फर्जी प्रमाण पत्र लगा
दिए थे।
इसका पता चलते ही तत्कालीन एमडी पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जांच के
निर्देश दिए। मामला सही पाए जाने के बाद 105 संविदा कंडक्टरों की सेवाएं
समाप्त कर दी गईं थीं।
उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले कंडक्टरों के
खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके हटते ही यह
फाइल दबा दी गई। इसके बाद नए एमडी मुकेश
मेश्राम आ गए।
उनकी जानकारी में जब यह मामला आया तो उन्होंने इसकी पड़ताल
कराई। अफसरों ने नए एमडी को भी कई बार गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद
में फाइल निकाली गई।
इसी के बाद शुक्रवार
को एमडी मुकेश मेश्राम ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश
दिए हैं।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय
जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।