पिछले दिनों कांग्रेस का राजधानी में एक बड़ा प्रदर्शन था। इसमें कई बड़े नेता ऐसे थे जो लक्ष्मण मेला पार्क में तो दिखे लेकिन विधानभवन घेराव के दौरान काफी देर तक गायब रहे।
बाद में मीडियाकर्मियों के सामने प्रकट हुए। अपने समर्थकों के साथ विधानभवन के सामने बैठ गए।
इसके बाद तो समर्थकों ने उनके जयकारे भी लगाए। बिगड़ते माहौल को भांप नेताजी इधर-उधर हो गए। लाठीचार्ज शुरू हुआ तो नेताजी खिसक लिए।
जब सारा मामला शांत हुआ तो एक बार फिर नेताजी प्रकट हो गए। मीडिया को सामने देखा तो थोड़ा लंगड़ाने भी लगे।
ऐसा दिखाने लगे जैसे उनके पैर पर ही डंडा पड़ा हो। तस्वीर खिंचाई और फिर से नौ-दो-ग्यारह हो गए।