पिछले दिनों एक संस्था और एक टीवी चैनल के साझा सर्वे की बड़ी चर्चा थी। यह सर्वे इस मायने में खास रहा कि इसने इसके पहले की कई सर्वे रिपोर्ट को उलट दिया था।
अब इस सर्वे के कथित सच की जबर्दस्त चर्चा है। अहम पद पर आसीन एक नौकरशाह के सामने सत्ताधारी दल के एक सांसद ने मीडिया को बिकाऊ बताते हुए जो किस्सा सुनाया वह खासा चौंकाने वाला था।
बकौल सांसद, टीवी चैनल के साथ जिस संस्था ने यह सर्वे किया उसके एक डायरेक्टर का सीधा नाता अपने पूर्वांचल से है और उनके भतीजे सम्मानित माननीय। इन डायरेक्टर साहब की राजनीतिज्ञों तक पहुंच जगजाहिर है।
सत्ता के गलियारे में ताऊ की कृपा से भतीजे की तरक्की की चर्चा अभी गर्म ही थी कि इससर्वे ने हाईकमान को सच से दूर सपनों के आसमान में ही पहुंचा दिया। लोग इंतजार में हैं कि ताऊ अब किसका कल्याण कराते हैं?
यह किस्सा सुनने के बाद वे लोग सकते में हैं जो डायरेक्टर साहब को पहले से जानते हैं। सच्चाई कुछ भी हो पर इस सर्वे से लोगों के बीच ताऊ-संस्था-मीडिया और संबंध सब कुछ कठघरे में है।