पश्चिमी यूपी में लगातार हो रही सांप्रदायिक हिंसा मेलजोल वाली पार्टी के नेताजी के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
दरअसल हिंसा के बाद इस पार्टी का पश्चिम यूपी में जनाधार घटता नजर आ रहा है और वहां का वोट बैंक ही इस पार्टी का आधार है। जब वही नहीं रहेगा तो काहे की पार्टी और काहे के नेताजी।
पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए अब नेताजी को किसी ऐसे मुद्दे की दरकार है जो दलदल में जा रहे उनके दल को बाहर निकाल ले।
मुद्दे के फेर में नेताजी कभी टीवी को निहारते हैं तो कभी कार्यकर्ताओं से विचार करते हैं। लेकिन उन्हें कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।