गांव देहात के विकास का कामकाज देख रहे सचिव स्तर के एक अधिकारी को अपने मातहत दो आईएएस अफसरों के ट्रांसफर का इंतजार है।
वह कई काम करना चाह रहे हैं, जो इन अफसरों की वजह से अटक रहे हैं। ये मातहत अफसर कोई न कोई ऐसा तकनीकी पेच फंसा देते हैं, जिसकी वजह से महीनों काम अटक जाता है।
कुछ काम महकमे के मंत्रीजी के भी फंसे हैं। बड़े साहब मंत्रीजी को खुश रखने के चक्कर में काम करना चाहते हैं। लेकिन मातहत कायदे-कानून की इतनी लंबी टिप्पणी लिख दे रहे हैं कि वह भी फंस जा रहा है।
साहब ने उन्हें हटवाने की काफी कोशिश की, पर नाकाम रहे। हाल में मंत्री ने देरी की वजह पूछी, तो बड़े साहब ने उन्हें भी अड़ंगा लगाने वालों के नाम बता दिए।
मंत्रीजी उन अफसरों को हटवाने में जुट गए हैं। हालांकि साहब तब से बेचैन हैं जब से उन्हें पता चला है कि दोनों से ही कलेक्टर बनने के बारे में पूछा गया है।
जिले के बारे में भी संकेत का दावा है। मातहतों ने आकर हाकिम को बताया, तो वे यह बताने से नहीं चूके कि काफी दिन से वे ही उन्हें कलेक्टर बनवाने की कोशिश में जुटे थे।