चाहे जो भी हो, प्यार तो प्यार ही होता है। कुर्सी हो या कोई चीज। शासन में आजकल कुर्सी के प्यार की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सत्ता के एक करीबी अफसर का मनरेगा घोटाले में नाम आने पर पंचमतल से हटा दिया गया। हटाने के बाद उन्हें पोस्टिंग भी ऐसी-वैसी नहीं बल्कि अच्छी दी गई।
लोगों को छत मुहैया कराने वाले विभाग में पोस्टिंग पाने के लिए अफसर लालायित रहते हैं, लेकिन इन साहब को पंचमतल से नीचे कुछ रास नहीं आ रहा है।
यही कारण है कि वे अपने नए दफ्तर में बैठ ही नहीं रहे हैं। कर्मचारियों के बीच इस विभाग में होने वाली तैनातियों को लेकर आजकल खूब चर्चाएं हैं।
चर्चा यह भी कि विभाग के पास कहने को तो दो सचिव हैं, लेकिन एक भी सचिव यहां बैठने को तैयार नहीं।
एक सचिव को मेट्रो सेल ऐसा भाया कि वह वहीं के होकर रह गए और दूसरे पंचमतल से नीचे उतरना ही नहीं चाह रहे हैं।