मनीषा गोस्वामी
शहर की बेटी आलिया फातिमा रिजवी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देश का मान बढ़ाया है। इमामबाड़ा स्थित शीश महल क्षेत्र निवासी 14 वर्षीय आलिया का चयन नेशनल जियोग्राफिक की ओर से दिए जाने वाले सिग्निफिकेंट अचीवमेंट अवॉर्ड के लिए हुआ है। उन्हें यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण पर आधारित वैश्विक प्रतियोगिता स्लिंगशॉट चैलेंज में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाएगा।
उन्हें अक्तूबर में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा। आलिया को पुरस्कार के साथ 1,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि भी मिलेगी। आलिया कक्षा नौ की लामार्टीनियर गर्ल्स कॉलेज की छात्रा हैं। उनकी मां हिना जहीर ने इसे गर्व का क्षण बताया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। इससे पहले भी आलिया फातिमा वर्ष 2024 में बैंक स्पलैश प्रतियोगिता में नेशनल रनर-अप रह चुकी हैं, जिसमें उन्हें 50 हजार रुपये का पुरस्कार मिला था।
सांस्कृतिक दृष्टि से पर्यावरण संरक्षण पर आधारित वीडियो के लिए हुआ चयन
आलिया ने अपने प्रोजेक्ट द पपेट टीचेस द प्लैनेट में लखनऊ की पारंपरिक कठपुतली कला और पर्यावरण संरक्षण को अनूठे तरीके से जोड़ा। उन्होंने दिखाया कि किस प्रकार टेलरिंग में बचने वाले कपड़ों की कतरनों का उपयोग कर कठपुतलियां बनाई जा सकती हैं और बच्चों को पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति जागरूक किया जा सकता है। आलिया ने बताया कि वह अक्सर देखती थीं कि कपड़ों की बेकार कतरनों को इधर-उधर फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसी समस्या के समाधान और विलुप्त होती कठपुतली कला को बचाने के उद्देश्य से उन्होंने यह प्रोजेक्ट तैयार किया।
104 देशों के प्रतिभागियों ने लिया था भाग
प्रतियोगिता में 104 देशों के 5,900 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान पर आधारित एक मिनट के वीडियो प्रस्तुत किए थे। इनमें चुनिंदा प्रविष्टियों को ही पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। परिणामों की घोषणा 12 मई को की गई।