कैंडिडा आरिस की जांच के लिए फर्श, दीवार, छत से लिए सैंपल
केजीएमयू में अलर्ट : कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश, आईसीयू के हर मरीज की होगी जांच
केजीएमयू में दो मरीजों की मौत के बाद फंगस कैंडिडा आरिस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट के छह बेड वाले वार्ड को मंगलवार को आइसोलेट करने की कवायद शुरू करने के साथ ही टीवीयू के अन्य वार्डों व मेडिसिन विभाग की आईसीयू से भी सैंपल लिए गए। वार्ड के बेड, छत, फर्श और दीवार से सैंपल लिए गए हैं। इस सैंपल की माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच की जाएगी। रिपोर्ट के बाद आइसोलेशन के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अब केजीएमयू में आईसीयू में आने वाले हर मरीज की कैंडिडा आरिस की जांच की जाएगी।
स्टाफ के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे
ज्यादातर अस्पतालों ने आईसीयू कर्मचारियों को सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। आईसीयू में कार्यरत सभी कर्मचारियों को इसके लक्षण की जानकारी दी गई। मरीजों की देखरेख करने वाली टीम को हर हाल में मास्क प्रयोग करने, ग्लव्स लगाने का निर्देश दिया गया है। कैंडिडा आरिस से प्रभावित मरीजों की देखरेख में लगे कर्मचारियों के ब्लड सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
हर माह भेजते हैं रिपोर्ट
लोहिया और सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर और आईसीयू, एनआईसीयू की जांच हर माह कराई जाती है। इसके अलावा लक्षण के आधार पर आईसीयू वाले मरीजों की जांच होती है। अब तक किसी मरीज में यह फंगस नहीं मिला है।
लोहिया संस्थान में भी अलर्ट
लोहिया संस्थान में भी कैंडिडा आरिस फंगस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। मीडिया प्रभारी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने सभी विभागाध्यक्षों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। हालांकि अब तक कैंडिडा आरिस के लक्षण किसी मरीज में नहीं पाए गए हैं।
पीजीआई में पहले से चल रही जांच
एसजीपीजीआई के सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में दो साल पहले से ही अलर्ट है। इधर, एक सप्ताह के अंदर कि सी मरीज में इसके लक्षण नहीं पाए गए हैं। यहां के डॉक्टर और स्टाफ ऐसे मरीजों को लेकर सावधानी बरतते हैं।
तीसरे मरीज की हालत में सुधार
केजीएमयू में कैंडिडा आरिस की चपेट में आने वाले तीसरे मरीज की हालत में सुधार हो रहा है। उसे मेडिसिन विभाग में रखा गया है। डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि सबसे पहले इसी मरीज की जांच में कैंडिडा आरिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद लक्षण के आधार पर दूसरे मरीजों की जांच कराई गई थी। इस फंगस की चपेट में आने वाले मरीज पर दवाएं काम कर रही हैं। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक वह ठीक हो जाएगी।
स्टाफ को कोई खतरा नहीं
मरीजों की मौत के बाद चिकित्सा कर्मियों की स्क्रीनिंग कराई गई है। यह रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आ जाएगी। हालांकि इसका असर कमजोर इम्यून सिस्टम वालों में होता है। इसलिए चिकित्साकर्मियों को खतरा नहीं है। फिर भी सावधानी बरती जा रही है।
-डॉ. जीपी सिंह, प्रभारी टीवीयू, केजीएमयू
सभी अस्पतालों को किया आगाह
केजीएमयू में फंगस कैंडिडा आरिस मिलने की जानकारी होते ही सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि जिस भी मरीज में इसके लक्षण मिले, उसकी जांच कराएं। लक्षण मिलते ही सीएमओ ऑफिस को भी अवगत कराने के लिए कहा गया है।
-डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ