नोवेल कोरोना वायरल (एनसीओवी) को लेकर डब्ल्यूएचओ ने अलर्ट कर दिया है। इसकी वजह से सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रोम (एसएआरएस) होता है। इसमें फेफड़े में गंभीर किस्म का संक्रमण होता है। मरीज को वेंटिलेटर पर लेना पड़ता है। चीन व हांगकांग में वर्ष 2002- 2003 में कई लोगों की जान चली गई थी। इस साल भी चीन के वुहान शहर में करीब 62 मरीजों में यह वायरस मिला है। यह वायरस सी-फूड में पाया जाता है। ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ में भी यह पाया जाता है।
क्या है लक्षण
डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी गाइड लाइन के मुताबिक कोरोना वायरस का असर होने पर संबंधित व्यक्ति को जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार आदि हो सकता है। तीन दिन बाद निमोनिया जैसे लक्षण सामने आते हैं और यह किडनी पर भी असर डालता है।
केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि राजधानी में अभी तक इसके मरीज नहीं मिले हैं। इससे बचने के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सर्दी जुकाम वाले लोग भीड़भाड़ वाले इलाके में न जाएं। हाथ को अच्छी तरह से साबुन से धोएं। नाक और मुंह पर मास्क अथवा रूमाल रखें। यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो उसके बर्तन का इस्तेमाल दूसरे लोग न करें। जुकाम के साथ सीने में तेज दर्द हो तो चिकित्सक को दिखाएं। सी फूड खाने से बचें।