लग रहा जाम, व्यवस्थाएं बेपटरी, अफसर तैनात
चारबाग कि 315 बसों कि आलमबाग में की गई है शिफ्टिंग
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ. चारबाग बस अड्डे की सवा तीन सौ बसों की शिफ्टिंग आलमबाग टर्मिनल पर हुए करीब महीने भर बीत चुका है. लेकिन जाम से राहत नहीं मिल सकी है. बसों का संचालन सड़क से किया जा रहा है. जबकि आलमबाग में रुकने वाली बसों की टाइमिंग भी घटाई गई है.
परिवहन निगम की ओर से चारबाग बस अड्डे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. 50 करोड़ रुपये से बस अड्डे को बहुमंजिला बनाने का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है. ऐसे में चारबाग से चलने वाली बसों को आलमबाग टर्मिनल पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया और पिछले महीने बसों को आलमबाग शिफ्ट कर दिया गया. इससे इलाके में जाम लगने लगा. इसे हटाने के लिए अफसरों को तैनात किया गया. लेकिन महीनेभर बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं. आलमबाग टर्मिनल पर 45 प्लेटफ़ॉर्म हैं तथा 700 से अधिक बसों की आवाजाही है. ऐसे में 315 बसों के और बढ़ जाने से टर्मिनल ओवरलोड हो गया है. यही वजह है कि बसों का संचालन सडकों से हो रहा है. आलमबाग के बाहर रेलवे कॉलोनी वाली सड़क तक से बसें चलाई जा रही हैं. इसकी वजह से जाम लग रहा है. दिन ही नहीं रात में भी जाम की स्थिति पैदा हो रही है.
अफसर तैनात, हालात बेकाबू
ऐसा नहीं है कि परिवहन निगम प्रशासन की तरफ से जाम की स्तिथियों को संभालने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं. अफसरों की तैनाती चारबाग, आलमबाग और नहरिया पर लगाई गई है. लेकिन बसों की आवाजाही, ई रिक्शा आदि से जाम के जो हालात पैदा होते हैं, उससे स्तिथि बेकाबू हो जाती है.
चारबाग में अभी भी रुक रहीं बसें
चारबाग बस अड्डे से बसों की शिफ्टिंग आलमबाग हो चुकी है. बावजूद इसके चारबाग आने वाली दूसरी डिपो की बसों के चालक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं. बसें चारबाग में लाकर खड़ी करते हैं, जिससे चारबाग में भी जाम के हालत पैदा हो रहे हैं. निगम के अधिकारी बस चालकों को ऐसा नहीं करने के लिए समझा भी रहे हैं.
बसों के स्टॉपेज की टाइम घटाया
आलमबाग टर्मिनल पर बसों की संख्या बढ़ने के बाद निगम प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. बसों के स्टॉपेज का समय घटाया गया है. पहले जो बसें 45 मिनट तक रूकती थीं, उनके रुकने का समय घटाकर 20 से 25 मिनट कर दिया गया है. ताकि अधिक से अधिक बसों को प्लेटफ़ॉर्म मिल सकें और सडकों से बसों को चलाना ण पड़े.
अधिकारिक वर्जन
आलमबाग टर्मिनल पर बसों से होने वाली अव्यस्थाएं रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों को तैनात किया गया है. बसों के रुकने का समय घटाया गया है. लगातार निरीक्षण भी किए जा रहे हैं.
-अमरनाथ सहाय, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम