फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर से आलम का टिकट कटा, शाहनवाज पर दांव

Mon, 24 Feb 2014 09:12 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी ने शनिवार को बिजनौर और बुलंदशहर लोकसभा सीटों के प्रत्याशी बदल दिए।
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर विवादों के घेरे में आए अमीर आलम का टिकट काटकर बिजनौर सीट से पूर्व विधायक रहे शाहनवाज राणा को प्रत्याशी बनाया है।

वहीं बुलंदशहर (सुरक्षित) सीट पर सुनीता चौहान की जगह मौजूदा सांसद कमलेश वाल्मीकि को मैदान में उतारा है।

बिजनौर लोकसभा सीट तीन जिलों में पड़ती है। इसमें दो विधानसभा क्षेत्र मीरापुर और पुरकाजी मुजफ्फरनगर जिले के, बिजनौर और चांदपुर बिजनौर और हस्तिानपुर क्षेत्र मेरठ जिले का है।

सपा ने 12 मार्च 2013 को इस सीट पर पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन 31 मई को उनका टिकट काटकर पूर्व विधायक अमीर आलम को चुनाव मैदान में उतारा गया।
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगों को लेकर अमीर आलम विवादों से घिर गए थे। दरअसल दंगों का सबब बना कवाल गांव बिजनौर संसदीय सीट के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में आता है।

27 अगस्त को तीन युवकों की हत्या के बाद अमीर आलम व प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री के दबाव में उसी दिन डीएम और एसएसपी का तबादला कर दिया और हत्या के आरोप में हिरासत में लिए गए युवकों को थाने से छोड़ दिया था।

इसी के विरोध में पंचायतें हुई, इलाके में तनाव बढ़ा, जो सात-आठ सितंबर को दंगों के रूप में सामने आया। सपा ने अब अमीर आलम की जगह बिजनौर से बसपा विधायक रह चुके शाहनवाज राणा पर दांव लगाया है।

बसपा ने काट दिया था राणा का टिकट
राणा की कार में सवार युवकों पर दिल्ली की युवतियों से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद बसपा ने पिछली बार उनका टिकट काट दिया था।

शाहनवाज वर्ष 2012 का विधानसभा चुनाव रालोद प्रत्याशी के रूप में बिजनौर से लड़े थे। चुनाव हारने के बाद वह सपा में शामिल हो गए। उनकी पत्नी इंतखाब राणा मुजफ्फरनगर जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं।
विज्ञापन


पार्टी नेताओं की अनदेखी सुनीता को पड़ी भारी
बुलंदशहर सीट पर सपा ने मौजूदा सांसद और एक समय कल्याण सिंह के नजदीकी समझे जाने वाले कमलेश वाल्मीकि को चुनाव मैदान में उतारा है।

12 मार्च 2013 को सपा ने इस सीट से दिल्ली के पुलिस अफसर की पत्नी सुनीता चौहान को उम्मीदवार बनाया गया था।

करीब 11 महीने से प्रचार में जुटी सुनीता पर जिले के सपा नेताओं को खास तवज्जो न देने और प्रचार अभियान को धीमी रफ्तार से चलाने के आरोप थे। दूसरी तरफ कमलेश वाल्मीकि लगातार कोशिश कर रहे थे।

उन्हें चुनावी जंग में उतारा जाए। सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने रविवार को उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा कर दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें