लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से नवाचार के लिए गठित की गई सेक्शन 8 कंपनी का लाभ सिर्फ उसके छात्रों को ही नहीं मिलेगा। बल्कि विश्वविद्यालय की ओर से आईटीआई, पॉलीटेक्निक व अन्य छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। वहीं शिक्षकों को भी अत्याधुनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन ऑफ स्टार्टअप एकेटीयू फाउंडेशन, नाम से सेक्शन 8 कंपनी का गठन किया गया है। इसके लिए सीईओ व चीफ इनोवेशन ऑफीसर, मैनेजर आदि की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे प्रदेश के युवाओं में नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अपने व संबद्ध कॉलेजों के साथ ही आईटीआई व पॉलीटेक्निक के छात्रों को भी नवाचार व स्टार्टअप के लिए इस कंपनी की ओर से न सिर्फ मार्गदर्शन किया जाएगा। बल्कि इसके साथ ही उनको आर्थिक सहयोग भी किया जाएगा। आने वाले समय में इसमें अन्य संस्थानों के इंटर के छात्रों को भी शामिल किया जाएगा। क्योंकि इन युवाओं के पास काफी अच्छे विचार और नवाचार हैं, जिनको मंच व प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
500 अच्छे स्टार्टअप तैयार करने का है लक्ष्य
विश्वविद्यालय के एसोसिएशन डीन इनोवेशन प्रो. अनुज कुमार शर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य प्रदेश में 500 अच्छे स्टार्टअप तैयार करने का है। इसके लिए यह कंपनी युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा देने का काम करेगी। उनको तकनीकी व अन्य तरीके का सहयोग करेगी। वहीं फैकेल्टी स्टूडेंट स्टार्टअप पॉलिसी के तहत शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वे अपने छात्रों को इसके लिए न सिर्फ प्रेरित बल्कि प्रशिक्षण भी दे सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभा भी निखरेगी
प्रो. शर्मा ने बताया कि इस कंपनी के गठन का एक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के नवाचारों को भी पंख लगाना है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा ही नहीं अन्य लोग भी कोल्हू बैल से बिजली उत्पादन, इनोवेटिव थ्रेसर, राख से ब्रिक्स बनाने आदि उपयोगी चीजों का नवाचार कर रहे हैं। इस कंपनी के जरिए हम ऐसे उपयोगी नवाचारों को भी खोजेंगे और उनको आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इससे न सिर्फ लोगों को उपयोगी चीजें मिलेंगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।