लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अब अपने यहां से हर साल निकलने वाले लगभग 3.5 लाख छात्रों को डिजिटल मार्क्सशीट देगा। छात्र अपनी मार्क्सशीट डिजी लॉकर से प्राप्त करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए छात्रों से लिए जाने वाले परीक्षा शुल्क में कटौती भी करेगा। साथ ही मार्क्सशीट में किसी तरह के फर्जीवाड़े पर भी रोक लग सकेगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को बढ़ावा देने के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा एमबीए व एमसीए में ऑनलाइन कार्यक्रम जनवरी 2026-27 से शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए यूजीसी में आवेदन भी किया गया है। इसके शुरू होने से नौकरी के साथ पढ़ाई का भी अवसर मिलेगा।कुलपति प्रो. पांडेय ने बताया कि एनईपी 2020 के तहत इंटीग्रेटेड एमबीए व एमसीए में पढ़ने वाले छात्र यदि तीसरा साल पूरा होने पर एग्जिट करते हैं तो उसे बीबीए-बीसीए की डिग्री दी जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय में स्नातक में सिनेमेटोग्राफी पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को भी सहमति दी गई। यह कोर्स एकेटीयू परिसर व फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (एफओएपी) में भी चलेगा। इसी क्रम में आईईटी में स्थापित हो रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एनर्जी मैनेजमेंट व ऑटोमेशन तकनीकी में इंजीनियरिंग की विभिन्न विधाओं के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विवि के छात्रों को विदेश में पढ़ाई का अवसर देने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम पॉलिसी के तहत एसओपी बनाने के लिए डीन यूजी को निर्देश दिया गया। विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर इसके लिए ट्यूनिंग डिग्री प्रोग्राम शुरू करेगा। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव अर्चना गहरवार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया, आईईटी के निदेशक प्रो. वीरेंद्र पाठक, यूपीआईडी नोएडा के निदेशक प्रो. शैलेंद्र सिन्हा आदि उपस्थित थे।