लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के छात्र अब एप बनाने से लेकर क्रिएटिव कंप्यूटिंग तक सीखेंगे। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को नई तकनीकी से युक्त करने के लिए एप्पल के साथ ही कई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगा। विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को वित्तीय वर्ष के लिए 1016.63 करोड़ का बजट अनुमोदित किया।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में नई तकनीकी को युवाओं के लिए सुलभ बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एप्पल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी ऑफ एक्सीलेंस, साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने को हरी झंडी दी। इसके तहत एप्पल कंप्यूटर आधारित मैक लैब में एप विकसित करने से लेकर एमएल, क्रिएटिव कंप्यूटिंग आदि तकनीकी में छात्रों को प्रशिक्षित करेगा।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएगा। यह सेंटर हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके जरिये विश्वविद्यालय में एआई आधारित स्टार्टअप्स, इनोवेशन, शिक्षकों का प्रशिक्षण आदि किया जाएगा। स्पेस साइंस, सेटेलाइट सिस्टम, रॉकेटरी, रिमोट सेंसिंग सहित अन्य विषयों में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सेंटर स्थापित होगा।
बीबीए एकेटीयू कैंपस, बीसीए नोएडा कैंपस में
कार्य परिषद ने एकेटीयू कैंपस में बीबीए 60 सीट पर और नोएडा कैंपस में बीसीए में 60 सीट पर प्रवेश होंगे। वहीं नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश पिछले वर्ष की ही तरह लिए जाएंगे। इंजीनियरिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश यूपीटीएसी की काउंसलिंग से होंगे। इसके लिए जेईई मेन, सीयूईेेेटी व नाटा की रैंकिंग पर प्रवेश होगा। खाली सीटों पर 12वीं पास छात्रों को प्रवेश का मौका देंगे। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी यामिनी जैन आदि उपस्थित थे।