लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में देर से शुरू हुई फार्मेसी प्रवेश काउंसिलिंग का असर दिख रहा है। पहले चरण में मात्र 3590 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, उसमें भी 3126 ने ही अपनी सीट की चॉइस भरी है। जबकि 3035 को सीट अलॉट हुई हैं।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से काफी देर तक चली संबद्धता प्रक्रिया की वजह से विवि प्रशासन अपने यहां तीन जनवरी से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर सका है। इसके तहत प्रदेश के 390 कॉलेजों की लगभग 30 हजार सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई है। किंतु पहले चरण में ही इस काउंसिलिंग को झटका लग रहा है।
सामान्य रूप से पहले चरण में 10 से 15 हजार विद्यार्थी प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कराते थे। लेकिन इस बार अधिकतर छात्र प्राइवेट कॉलेजों का रुख कर चुके हैं। यही वजह है कि पहले चरण में ही अभ्यर्थियों का टोटा दिख रहा है जो आगे और दिक्कत करेगा। विवि की ओर से चार चरण में प्रवेश काउंसिलिंग प्रस्तावित की गई है। हालांकि इससे पहले ही इसे समेटने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
विवि प्रशासन की ओर से मंगलवार को जारी पहले चरण के सीट अलॉटमेंट के अनुसार 3035 छात्रों को सीट अलॉट की गई है। अभ्यर्थी कल आठ जनवरी तक सीट कंफर्मेशन शुल्क जमा करेंगे और ऑनलाइन विलिंगनेस देंगे। इसके बाद नौ जनवरी से दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी। विवि प्रशासन के अनुसार, दूसरे चरण के बाद नियमित काउंसिलिंग समाप्त कर सीधे प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।