कोरोना संक्रमण काल में राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों को राहत दी है। राज्यपाल के निर्देश के क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध 755 कॉलेजों को कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क दो भाग में लिए जाने का निर्देश दिया है। हालांकि कई कॉलेज यह शुल्क ले चुके हैं।
कोरोना संक्रमण काल में विद्यार्थियों के अभिभावकों की आय काफी प्रभावित हुई है। इसे लेकर विद्यार्थियों ने पिछले दिनों वार्षिक शुल्क, लैब, हॉस्टल फी में छूट देने की मांग की थी। उनका यह भी तर्क था कि जिस सुविधा का उन्होंने लाभ नहीं लिया, उसका शुल्क उनसे न लिया जाए। उन्होंने कई जगह शिकायत की थी कि उनके ऊपर पूरी फीस जमा करने और एकमुश्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में हाल में राज्यपाल की ओर से विश्वविद्यालय को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके बाद रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह ने सभी संबद्ध संस्थानों के निदेशक व प्राचार्यों को पत्र भेजकर कहा है कि कोविड-19 के मद्देनजर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क दो किस्त में लिया जाए। जानकारी के अनुसार इस बार कोरोना की वजह से वर्तमान सत्र में प्रवेश प्रक्रिया सितंबर-अक्तूबर तक चली है।
कुछ कॉलेजों ने विद्यार्थियों से पूरा शुल्क ले लिया है तो कुछ कॉलेजों के विद्यार्थियों ने पूरा शुल्क नहीं दिया है। ऑनलाइन क्लासेज की वजह से विद्यार्थी संस्थान भी नहीं गए। हालांकि कॉलेजों ने विद्यार्थियों को परीक्षा से रोका नहीं है। इसी क्रम में अप्रैल से सभी कॉलेजों में ऑफलाइन क्लासेज शुरू हो रही हैं। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क दो भाग में लिया जाए। जिन विद्यार्थियों ने किसी वजह से पूरा शुल्क नहीं जमा किया है, उनके लिए यह बड़ी राहत होगी।