AKTU ; Most of collleges on online mode, some on offline
लखनऊ। कोरोना संक्रमण के चलते डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से जुड़े अधिकतर कॉलेज ऑनलाइन मोड पर आ गए हैं। वहीं, कुछ अभी भी ऑफलाइन क्लास चला रहे हैं, जहां महज 15 से 20 फीसदी छात्र ही रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि यहां भी जल्द ऑनलाइन क्लास शुरू करने की तैयारी चल रही है। कोविड संक्रमण को देखते हुए हाल में विश्विद्यालय ने कॉलेजों को स्वविवेक के अनुसार ऑनलाइन/ऑफलाइन या दोनों मोड में क्लास चलाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद ज्यादातर कॉलेज ऑनलाइन मोड पर ही क्लास को बेहतर मान रहे हैं। लखनऊ के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी समेत कई प्राइवेट कॉलेज पूरी तरह ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति प्रयागराज, कानपुर व नोएडा क्षेत्र के कॉलेजों की भी है। कॉलेजों का कहना है कि हम अभी स्टूडेंट्स को बुला नहीं रहे हैं। शिक्षक जरूरत हो तो संस्थान आकर या घर से ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार जहां ऑफलाइन क्लास चल भी रही है वहां अभी स्टूडेंट्स नहीं आ रहे हैं। होली पर घर गए स्टूडेंट्स बढ़ते संक्रमण के कारण नहीं लौटे। वहीं, अगर वो लौटे तो उन्हें अभी हॉस्टल मिलेगा नहीं। ऐसे में उनका बाहर रहना और खाना भी स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं होगा। पीएसआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. एसके भल्ला ने बताया कि हम एकेटीयू के निर्देश के अनुसार ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों मोड में क्लास चला रहे हैं। इस संबंध में जेएसएस नोएडा के प्राचार्य डॉ. जीएम पाटिल ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हमने फर्स्ट ईयर से फाइनल तक ऑनलाइन क्लास का निर्णय लिया है। संक्रमण कम होने पर विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार प्रैक्टिकल के लिए बुलाया जाएगा। आईईटी के निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि अभी सभी क्लास ऑनलाइन चल रही हैं। छात्र ऑफलाइन क्लास और प्रैक्टिकल की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं है। राजधानी में कोविड का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ रहा है। हालात ठीक होने पर आगे का निर्णय होगा।
छात्रों पर अटेंडेंस का बना रहे दबाव
लखनऊ। नोएडा क्षेत्र के कुछ कॉलेज विद्यार्थियों पर भौतिक क्लास के लिए उपस्थित होने का दबाव बना रहे हैं। कॉलेज कह रहे हैं कि अगर वे क्लास के लिए नहीं आए तो उनकी अटेंडेंस कम हो जाएगी और वो परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। इस बाबत एकेटीयू प्रवक्ता आशीष मिश्रा ने कहा कि कोई भी कॉलेज छात्रों पर इसके लिए दबाव नहीं बना सकता है। इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।