लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने टेक्निकल क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (टिकविप) के तहत कॉलेजों में गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों, शिक्षकों के उत्थान के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसी कड़ी में इक्विटी एक्शन प्लान (ईएपी) से विद्यार्थियों के फंडामेंटल नॉलेज टेस्ट में सुधार लाएंगे। उनकी भाषा संबंधित, शॉफ्ट स्किल संबंधित दिक्कत दूर होंगी। इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर और स्किल्ड किया जाएगा।
विश्विद्यालय की ओर से सभी संबद्ध इंजीनियरिंग संस्थान को पत्र भेजकर इसे प्रभावी बनाने को कहा गया है। इसमें बताया गया है कि विद्यार्थियों की कमजोरी को जानकार उसमें सुधार के लिए रेमेडियल प्रयास करना होगा। इसके तहत फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स के लिए फंडामेंटल नॉलेज टेस्ट का आयोजन किया जा सकता है।
इसी तरह उनकी भाषा संबंधित दिक्कत को दूर करने व शॉफ्ट स्किल डवलपमेंट के लिए इंग्लिश के ट्यूटोरियल आयोजित किए जाएं। विद्यार्थियों को उनके प्रस्तुतिकरण के लिए तैयार किया जाए। डाउट क्लियर क्लास का आयोजन किया जाए। ईएपी के समन्वयक डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि इसी तरह शिक्षकों को पीजी व पार्ट टाइम पीएचडी के लिए प्रमोट किया जाएगा। उनको रिसर्च डवलपमेंट कार्यक्रमों व कंसल्टेंसी से जोड़ा जाएगा। सेमिनार, कॉन्फ्रेंस रिसर्च पेपर प्रजेंटेशन आदि के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों को अन्य लर्निंग स्किल्स के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम इसमें सहयोगी बनेंगे। पीर लर्निंग ग्रुप 10-12 विद्यार्थियों का बनाया जाएगा और उनको एक साथ मिलकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसी के साथ फैकल्टी एडवाइजर व मेंटर भी तैनात किया जाएगा ताकि वे स्टूडेंट्स के सीधे संपर्क में रहेंगे।
कॉलेजों को अपने कैंपस को भी दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बैरियर फ्री बनाना होगा। साथ ही महिला विद्यार्थियों व कर्मचारियों को भी उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर सुविधाएं देनी होगी। इसी क्रम में ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर की तैनाती की जाएगी ताकि विद्यार्थियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा है कि सभी कॉलेजों को इसे प्रभावी करके 19 अप्रैल तक इसके बारे में सूचना विवि को भेजनी है।