नवप्रवेशित छात्रों को सरल भाषा में कोर्स कंटेंट देगा एकेटीयू
छह कॉलेजों की कमेटी तैयार कर रही कंटेंट
प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही जुलाई अंत से इंजीनियरिंग संस्थानों में कक्षाएं शुरू करने की कवायद भी तेज हो गई है। इस क्रम में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अतिरिक्त तैयारियां कर रहा है। नए सत्र 2019-20 में एकेटीयू अपने विद्यार्थियों के बीच इंजीनियरिंग के डर को दूर भगाएगा और उन्हें सरल भाषा में कंटेंट भी उपलब्ध कराएगा।
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बीटेक कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की काफी संख्या ग्रामीण परिवेश की होती है। ग्रामीण परिवेश से पहली बार कॉलेज पहुंचे छात्रों के लिए अंग्रेजी में उपलब्ध कंटेंट व इंजीनियरिंग हौवे के समान होती है। इसे लेकर वे कई बार तनाव में आते हैं तो कई बार शिक्षकों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन इंजीनियरिंग की पढ़ाई वे समझ नहीं पाते। इसका असर उनके परिणाम पर भी पड़ता है।
इस बार विश्वविद्यालय ने पहले सेमेस्टर से ही इसे दूर कराने के लिए कवायद की है। विश्वविद्यालय द्वारा कंप्यूटर साइंस, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल, केमिकल इंजीनियरिंग के कोर्सों की मैपिंग कराई जा रही है। इसमें डार्क एरिया को चिह्नित किया जा रहा है। आईएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद, एबीईएस, एनआईईटी ग्रेटर नोएडा, पीएसआईटी कानपुर, आरईसी कन्नौज, यूनाइटेड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन इलाहाबाद इसके लिए नोडल सेंटर बनाए गए हैं।
इन सेंटर में विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर ऐसे क्षेत्रों का चयन कर उनके सरल कंटेंट तैयार करवा जा रहे हैं। अगर विद्यार्थी क्लास में इन क्षेत्रों को या यूनिट विशेष को नहीं समझ पाते हैं तो विश्वविद्यालय उन्हें इसके वीडियो लेक्चर व सरल भाषा में पीडीएफ मैटर भी उपलब्ध कराएंगे। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि मूक्स के तहत हम शिक्षकों के वीडियो लेक्चर रिकार्ड करवा रहे हैं, जो विद्यार्थी की लॉगिन में उपलब्ध होगा। इसे विद्यार्थी जब चाहे पढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि कोर्स कंटेंट के साथ-साथ हमारी कोशिश है कि विद्यार्थियों को उनके एसाइनमेंट हल करने के लिए भी प्रश्न-उत्तर के रूप में कंटेंट दिए जाएं। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे गेट आदि से जुड़े प्रश्न भी होंगे। इससे विद्यार्थी की क्षमता वृद्धि भी होगी और वह विषय को और बारीकी से समझ सकेगा। उन्होंने बताया कि मूक्स के तहत काफी वीडियो लेक्चर की रिकार्डिंग हो चुकी है, जो विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी होगी।