लखनऊ। प्रदेश में काफी देरी से शुरू हुई बीफार्मा और फार्माडी कोर्स की प्रवेश काउंसिलिंग का असर दिखने लगा है। हालत यह है कि प्रदेश के फार्मेसी संस्थानों में लगभग 37000 सीटें हैं और एकेटीयू की ओर से आयोजित की जा रही प्रवेश काउंसिलिंग के पहले चरण में मात्र 3400 छात्रों को सीट आवंटित हुई है। ऐसे में सीटें भरने में काफी दिक्कत आएगी।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने नए सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों की संबद्धता प्रक्रिया सितंबर अंत तक पूरी की थी। इसी कारण एकेटीयू ने प्रदेश में फार्मेसी प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू की। सीयूईटी यूजी क्वालीफाई 6165 छात्रों ने ही प्रवेश के लिए पंजीकरण कराया। इनमें से 3997 छात्रों ने ही अपनी चॉइस भरी। विश्वविद्यालय ने पहले चरण का सीट एलॉटमेंट जारी कर दिए है। दूसरे चरण का सीट एलॉटमेंट 10 अक्तूबर को जारी होगा।
सीटें भरने की चुनौती
विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में कुल 37266 फार्मेसी सीटें हैं। ऐसे में सीयूईटी यूजी के 6165 और 12वीं पास पंजीकृत 16271 छात्रों को मिलाकर कुल 22436 सीटें ही भर पाएंगी। यह स्थिति तब होगी जब सभी पंजीकृत छात्र प्रवेश लें। इसके बाद भी लगभग 15000 सीटें खाली रहेंगी। 12वीं पास छात्रों को 15 अक्तूबर से विशेष चरण में चॉइस भरने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय और कॉलेज अभी से सीटें भरने को लेकर परेशान हैं।