सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी विधायक और प्रसपा संस्थापक शिवपाल सिंह यादव को विधानसभा में अगली पंक्ति में सीट देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि शिवपाल यादव की खुद की पार्टी है। ऐसे में उन्हें अन्य नेताओं की तरह अगली पंक्ति में सीट मिलनी चाहिए। इस पत्र के अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को अगली पंक्ति में सीट मिली है। वहीं शिवपाल यादव को दूसरी पंक्ति में सीट दी गई है। पिछले कुछ दिनों से अखिलेश और शिवपाल यादव की राहें जुदा हैं। शिवपाल अक्सर सपा पर धोखा देने का आरोप लगाते रहते हैं। वह अपनी पार्टी को नए सिरे से पुनर्गठित कर रहे हैं।
इस बीच 19 से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में शिवपाल ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को पत्र लिखा और अपनी सीट आगे करने की मांग की। इस बीच सपा अध्यक्ष ने भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उन्हें अगली पंक्ति में सीट देने की मांग की है। इसकी पुष्टि मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने भी की है।
उन्होंने बताया कि शिवपाल यादव की वरिष्ठता को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। दूसरी तरफ सियासी गलियारे में इस पत्र की अलग-अलग तरीके से व्याख्या की जा रही है। सियासी जानकारों का कहना है कि विधानसभा में शिवपाल सिंह यादव को अगली पंक्ति में सीट मिलती है तो वह सपा खेमे से अपने आप बाहर हो जाएंगे। वह सपा के विधायक होने के बाद भी अपनी पार्टी के नेता के तौर पर उपस्थित रहेंगे।
पहले भी कर चुके हैं मांग
शिवपाल यादव ने पिछली पंक्ति की सीट को लेकर पहले भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था, लेकिन उस वक्त उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। क्योंकि वह सपा विधायक हैं। ऐसे में सपा के नेता प्रतिपक्ष की ओर से तय की गई सीट ही उन्हें दी गई थी।
14 से 18 सितंबर तक धरना देगी सपासपा के सभी विधायक 14 से 18 सितंबर तक विधान भवन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरना देंगे। पार्टी के विधान मंडल दल के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि धरना देकर सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज कराए जा रहे फर्जी मुकदमों, किसानों की समस्याओं और महंगाई का विरोध किया जाएगा।
पार्टी कार्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि अलग-अलग दिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में धरना दिया जाएगा। 14 सितंबर को धरने का नेतृत्व वह खुद करेंगे। 15 को प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, 16 को पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद एवं इंद्रजीत सरोज, 17 को पूर्व मंत्री राम अचल राजभर और 18 को पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी एवं ओम प्रकाश सिंह धरने का नेतृत्व करेंगे। उन्होेंने बताया कि धरने में महिला अपराध, स्वास्थ्य व्यवस्था, भ्रष्टाचार, ओबीसी आरक्षण, कर्मचारियों व वित्त विहीन शिक्षकों की समस्याओं और अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को उजाड़े जाने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।