यूपी सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह
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उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जब सूबे के मुख्यमंत्री थे, तब भी होम आइसोलेशन में थे और आज विपक्ष में भी होम आइसोलेशन में ही हैं। उनको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर पर जारी जंग दिखाई नहीं दे रही है। प्रदेश में आज एल-2 व एल-3 ग्रेड के बेडों की संख्या तीन गुना बढ़ चुकी है। साथ ही 35 हजार नए बेड और बढ़ाया जा रहे हैं। प्रदेश में होम आइसोलेशन मरीजों को मेडिकल किट का वितरण किया जा रहा है, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर उनसे लगातार संपर्क बनाए है। विपक्ष में बैठी सपा व उनके मुखिया को यह नजर नहीं आएगा। कोरोना संक्रमण में सरकार का सहयोग करने के बजाए अखिलेश अपनी राजनीति चमकाने में जुटे हुए हैं।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जमीनी हकीकत से हमेशा काफी दूर रहे हैं। जमीन पर आएंगे तो उनको नजर आएगा कि योगी सरकार कोरोना पर किस तरह विजय हासिल करने में जुटी है। उनकी सरकार में स्टेट प्लेन की सुविधा दंगाईयों को दी जाती है थी जबकि योगी सरकार में स्टेट प्लेन जनता की जिदंगी बचाने वाली दवाईयां लाने में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के जनता के हित में किए जा रहे कार्य अखिलेश यादव से गवारा नहीं हो रहे है। प्रदेश द्वारा 2.41 लाख से अधिक होम आइसोलेशन में संक्रमित लोगों को मेडिकल किट पहुंचाने का काम किया गया है। सरकार जनता तक निष्पक्ष रूप से रोजाना कितने मरीज संक्रमित हुए और कितने ठीक होकर अपने घर गए, इसके आंकड़े जारी कर रही है। यह सब सपा मुखिया को तब दिखाई देगा जब वह अपना चश्मा उतार कर होम आइसोलेशन से बाहर आएंगे।
किसानों के हित पर आता है गुस्सा
सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि होम आइसोलेशन मरीजों तक मेडिकल किट हो या फिर किसानों के हित की बात , इन सब पर अखिलेश यादव को गुस्सा आता है। अखिलेश यादव ने कभी किसानों का कोई हित नहीं किया है जबकि योगी सरकार में किसानों के हितों पर लगातार काम किया जा रहा है। इसमें चाहे गन्ना किसानों का भुगतान हो या फिर गेहूं क्रय सारे काम सरकार ने समय पर किए। प्रदेश सरकार 1.23 लाख गन्ना किसानों को भुगतान कर चुकी है। गेहूं का क्रय पिछले साल से दोगुना करीब 12 लाख टन क्रय किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव न जाने आंखों पर कौन सा चश्मा लगाए हैं, जो उनको यह नजर नहीं आ रहा है।