मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में जाबांज पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री का वीरता पदक व प्रशस्ति-पत्र वितरित करेंगे। यह पदक व प्रशस्ति पत्र पुलिस विभाग के अराजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस व शौर्य के लिए पहली बार दिया जा रहा है। इसमें आठ पुलिस कर्मियों को वीरता पदक व 22 को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
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दरअसल, अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को पहले आउट आफ टर्न प्रमोशन दिया जाता था लेकिन यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इसी को देखते हुए सरकार अब पुलिस महानिदेशक की संस्तुति पर मुख्यमंत्री का वीरता पदक एवं प्रशस्ति-पत्र देने जा रही है।
आईजी एसटीएफ रामकुमार ने बताया कि पुलिस कर्मियों के साहसिक कार्य के लिए मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र एवं उसके साथ 25 हजार रुपये नकद दिए जाएंगे। इसी प्रकार उच्च श्रेणी का साहसिक कार्य करने वालों को वीरता पदक दिया जाएगा। इसमें हर महीने 1000 रुपये भत्ता अलग से दिया जाएगा।
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दो कर्मियों को मरणोपरांत मिलेगा वीरता पदक
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इस बार दो पुलिस कर्मियों को मरणोपरांत सीएम का वीरता पदक दिया जाएगा। इसमें बुलंदशहर में तैनात कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह का नाम शामिल है। वह बागपत के रहने वाले थे। दूसरा नाम जीआरपी मुरादाबाद के कांस्टेबल नवीन चौधरी का है।