पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज में अपराध बेतहाशा बढ़ रहे हैं। अपराध नियंत्रण का दावा करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने कितने बड़े अपराधियों, भूमाफिया और भ्रष्टाचारियों को जेल भिजवाया।
हकीकत में वे बेखौफ घूम रहे हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था सरकार के नियंत्रण से बाहर है। वे गुरुवार को विदेश से लौटने के बाद पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की सच्चाई सामने आ गई है। उसके पहले बजट में जनता के हित में कुछ भी नहीं है। उसने लोगों को नोटबंदी और जीएसटी में उलझा दिया है। जीएसटी किसी की समझ में नहीं आ रहा है। यह सिर्फ बड़े कारोबारियों के फायदे के लिए है। कर्जमाफी भी किसानों के साथ धोखा है।
अखिलेश ने कहा कि मौजूदा सरकार ने सपा सरकार की जनहित की योजनाएं बंद कर दी हैं। ऐसा लगता है कि अब भाजपा सरकार किसी मंत्र से ही सभी समस्याओं का समाधान कर देगी।
वोट के लिए नफरत फैला रही भाजपा
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अखिलेश ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य वोट के लिए नफरत फैलाना है। उसने ने दिवाली और रमजान, श्मसान और कब्रिस्तान के सवाल उठाकर आम लोगों को भ्रमित किया।
सही बात तो यह है कि मौजूदा सरकार में गरीब लोगों को उजाड़ा जा रहा है। उससे विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती।
सपा सरकार ने कराया रिकॉर्ड विकास
अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 सेवा की शुरुआत की थी। पौधरोपण का प्रदेश में रिकॉर्ड भी सपा सरकार में ही बना था। सपा ने केंद्र सरकार की मदद के बिना सड़कें बनाई थीं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी सड़क देश में नहीं है। 300 किलोमीटर लंबी सड़क दो वर्ष में बनाई गई थी, जबकि लंदन में भी 6 लेन की 120 किमी सड़क 6 वर्ष में बनी थी।
मुस्लिमों का योगदान हटाने पर विकास दर सिर्फ 2 फीसदी
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प्रदेश की विकास दर 6 प्रतिशत बताई गई है, जबकि देश की तरक्की में मुस्लिमों के योगदान को हटा दें तो यह सिर्फ 2 फीसदी ही रह जाएगी।
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे 2019 के चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू करें। भाजपा का दृष्टिकोण बड़ा नहीं है, इसलिए उसकी सरकार प्रदेश का समग्र विकास नहीं कर सकती।
समाजवादी सरकार के विकास कार्यों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। उन्होंने जनता से भी भाजपा के बहकावे में नहीं आने की अपील की।