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लखनऊ आकर मुलायम से रिश्तों पर बोले अमर सिंह

Tue, 26 Jan 2016 04:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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छह साल से निष्कासित चल रहे सपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह की सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लंबी मुलाकात हुई। इस दौरान पारिवारिक से लेकर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि अमर सिंह कहते हैं कि उनकी मुलाकात में राजनीति न ढूंढ़ी जाए।
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अमर सिंह दोपहर करीब 12.40 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कालिदास मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे और करीब दो घंटे तक उनके साथ रहे। मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। अमर सिंह पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती रहे थे।
 
इस लंबी मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका खुलासा तो किसी ने नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच परिवार से राजनीति तक, सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। सपा सरकार के लगभग चार साल के कामकाज से लेकर 2017 की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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अमर सिंह रात की फ्लाइट से ही दिल्ली रवाना हो गए। अमर सिंह कहते हैं, मैं लखनऊ आऊं, मुलायम सिंह, अखिलेश यादव या शिवपाल यादव से मिलूं तो सवाल होने लगते हैं। दूसरे नेताओं से कभी ऐसे सवाल नहीं होते। विजया राजे सिंधिया और माधवराव सिंधिया मां-बेटे थे, लेकिन अलग-अलग दलों में थे।
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व्यक्तिगत रिश्ते नहीं हुए खत्म

इससे उनके रिश्ते खत्म नहीं हो गए थे। अयोध्या आंदोलन में विजया राजे बंदी बनाई गईं तो माधव राव सिंधिया ने हमें और मुलायम सिंह यादव को फोन करके मां का ख्याल रखने को कहा। सुचेता कृपलानी और आचार्य कृपलानी अलग-अलग दलों में थे।

सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल कभी भाजपा में नहीं रहे। लालू प्रसाद यादव की बेटी, मुलायम सिंह के परिवार की बहू हैं, लेकिन राजनीति में दोनों परिवार अलग हैं। इससे संबंध खत्म नहीं होते।

अमर सिंह ने कहा, मेरे लिए व्यक्तिगत संबंध राजनीति से ऊपर हैं। मैं निजी संबंधों के लिए सौ बार राजनीति को कुर्बान कर सकता हूं। मुलायम के परिवार के सभी लड़के मुझे अंकल कहते हैं। यदि शिवपाल यादव के बेटे की शादी होगी तो क्या मैं आशीर्वाद देने नहीं जाऊंगा ?

अमर सिंह ने कहा, मुलायम सिंह बड़े दिल के नेता हैं। वे धुर विरोधियों का भी बहुत सम्मान करते हैं। विरोधियों को बगल में बैठाकर पहले उनका काम करते हैं। मैं यदि उनके जन्मदिन में या उनके बीमार होने पर मिलने चला जाऊं तो राजनीति ढूंढ़ी जाती है।
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