अखिलेश यादव ने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती को प्रदेश के हर जिले में युवा घेरा कार्यक्रम के रूप में मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ऐसे संत थे जिन्होंने अध्यात्म को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा था। उनके राष्ट्रवाद में गरीबों, वंचितों के प्रति त्याग, सेवा और समर्पण को प्राथमिकता थी। उन्होंने विश्व को भारतीय ज्ञान, संस्कृति व गौरव का बोध कराया।
अखिलेश ने बुधवार को कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर घेरा बनाकर युवाओं से संबंधित समस्याओं पर चर्चा होगी। इन चर्चाओं में छात्रों-नौजवानों की सक्रिय भागीदारी होगी। हर जिले में छात्र-युवाओं से जुड़े मुद्दों पर परिचर्चा व गोष्ठियों की जाएंगी। सपा के युवा प्रकोष्ठों के पदाधिकारी युवा घेरा कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि नौजवानों के सामने महंगी होती शिक्षा व रोजगार बड़ी समस्या हैं। जहां नौजवान सरकारी विसंगतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उनका उत्पीड़न शुरू हो जाता है। उन पर तमाम आरोप लगते हैं, फर्जी मुकदमों में फंसाया जाता है। युवाओं-छात्रों का भविष्य बिगाड़ने के लिए उन पर एनएसए भी लगा दिया जाता है। नौजवानों की जिंदगी के सामने अंधेरा छाया हुआ है। भाजपा सरकार की कुनीतियों के चलते रोटी-रोजगार के अवसर कम हुए है। स्वामी विवेकानंद की जयंती को सार्थक बनाने के लिए सपा ने युवा घेरा कार्यक्रम तय किया है। युवा नेतृत्व ही कल के भारत का भाग्य निर्धारित करेगा। युवा ही क्रांति और परिवर्तन का वाहक रहा है। समाजवादी पार्टी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने को प्राथमिकता देती रही है।
दो करोड़ रोजगार देने का वादा हवा-हवाई: सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा नौजवानों को हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। उसके हर वादे की तरह यह वादा भी हवा हवाई साबित हुआ है। प्रदेश में पूंजीनिवेश आया नहीं, नए उद्योग लगे नहीं, इच्छुक निवेशकर्ताओं को भी सरकार से उपेक्षा मिली और लॉकडाउन में तो तमाम फैक्ट्रियां भी बंद हो गई। व्यापार चौपट हो गया। बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन हुआ। नौकरियों में छंटनी हुई। बेरोजगारी पर कहीं रोक नहीं लगी। सरकारी विभागों में रिक्तियां होने के बावजूद भर्तियां रूकी हुई है। परेशान हाल नौजवानों ने निराशा में आत्महत्याएं की हैं। निजीकरण ने तमाम विभागों में युवा कर्मचारियों के सामने अनिश्चितता के हालात पैदा कर दिए हैं। युवाओं को योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल पा रहा है।