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अखिलेश का वादा, 'सेना को यूपी में जो भी चाहिए वो मुहैया कराएंगे'

Thu, 03 Sep 2015 08:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार सेना को उप्र में हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है। सेना को सूबे में जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए उसे वह मुहैया कराएंगे। सेना को हमेशा सम्मान की नजरों से देखा जाता है।
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सपा शहीद परिवारों का सम्मान हमेशा से करती आई है। ऐसा करके सरकार को गर्व महसूस होता है। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अरूप राहा की भी तारीफ की।

मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर वायु सेना के शहीद परिवारों का सम्मान कर रहे थे। 25 जुलाई 2014 को राजधानी के बख्शी का तालाब के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सात वायु सैनिक शहीद हुए थे।

इसमें उस समय तकनीकी खराबी आई जब यह एक गांव के ऊपर उड़ रहा था लेकिन पायलट व टीम की सूझबूझ से इसे गांव से दूर मैदान की ओर ले जाया गया। इससे हेलीकॉप्टर एक खाली स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। यदि यह गांव में गिरता तो काफी जनहानि होती।
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अखिलेश ने इस दुर्घटना में शहीद सभी सैनिकों के परिवारीजनों को 20-20 लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा, वायु सेना ने आपदा के मौके पर भी सराहनीय काम किया है। नेपाल में भूकंप हो या उत्तराखंड के केदारनाथ में तबाही, सभी में वायु सेना ने हजारों जानें बचाई हैं। सेना की मेहनत व उसके जज्बे को हम दिल से सलाम करते हैं।

सेना को ध्यान में रखकर बन रहा है आगरा-एक्सप्रेस वे

इससे पहले एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने प्रदेश सरकार की तारीफ की। कहा कि जब भी वायु सेना को प्रदेश सरकार से किसी मदद की जरूरत पड़ी, उसे सरकार ने मुहैया कराई है। आगरा एक्सप्रेस-वे इस तरह बन रहा है कि वहां से हमारे फाइटर प्लेन उड़ान भर सकें।

यूपी के सिविल एयरपोर्ट से भी सेना के विमान उड़ान भर रहे हैं। यूपी की तरह ही यदि अन्य प्रदेशों से भी सहयोग मिले तो वायु सेना और तरक्की करेगी। कार्यक्रम में राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी व मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद थे।

इनके परिवारीजनों को मिले 20 लाख के चेक
विंग कमांडर ठाकुर नरसिंह भगत सिंह:
एयर क्राफ्ट में कैप्टर के रूप में विंग कमांडर टीएनबी सिंह मौजूद थे। 27 जनवरी 1974 को हैदराबाद में जन्मे सिंह को चेतक, चीता व एएलएच हेलीकॉप्टर को 5000 घंटे से अधिक उड़ाने का अनुभव प्राप्त था। वह 111 एचयूके के कमांडिंग अफसर भी थे। उनकी पत्नी सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर जया रावत को सीएम ने चेक दिया।

स्क्वाड्रन लीडर राजागोपाल मनु :
एयर क्राफ्ट में स्क्वाड्रन लीडर राजागोपाल मनु सहायक पायलट के रूप में मौजूद थे। 16 अक्टूबर 1984 को केरल में जन्मे मनु के पास 1485 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। 25 जुलाई 2014 को बरेली से वायु सेना के ऑपरेशनल मिशन को पूरा करते हुए उन्होंने अपना जीवन न्यौछावर किया। उनकी पत्नी स्टेफी पॉल को मुख्यमंत्री ने चेक दिया।
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इन्हें भी दिए गए चेक

सार्जेंट देवेंद्र पांडा :
ओडिशा में 4 जून 1978 को जन्मे देवेंद्र एयर क्राफ्ट में गनर के रूप में मौजूद थे। उनके पास भी 2100 घंटों से अधिक उड़ान का अनुभव था। वह अनुभवी फ्लाइट गनर थे। उनकी पत्नी ज्योतिर्मयी पांडा को मुख्यमंत्री ने सम्मानित करके चेक दिया।

जूनियर वारंट अफसर प्रदीप्तो मुखर्जी :
प्रदीप्तो मुखर्जी का जन्म 29 जनवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बिलासपुर में हुआ था। वे 13 जुलाई 1993 को वायु सेना में शामिल हुए। एयर क्राफ्ट की गहरी जानकारी के साथ ही वे एक अनुभवी ट्रेड्समैन भी थे। मुख्यमंत्री ने उनकी पत्नी नम्रता मुखर्जी को चेक भेंट किया।

कारपोरल मनोज यादव :
मनोज यादव का जन्म 13 जून 1989 को जयपुर में हुआ था। वे 28 मार्च 2007 को कॉम्बटेंट के रूप में वायु सेना में भर्ती हुए। एयर क्राफ्ट में वे ग्राउंड क्रू मेंबर के रूप में मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने उनकी पत्नी मीनू यादव को चेक दिया।

कारपोरल रबीश कुमार सिंह :
पश्चिम बंगाल में 6 मई 1987 को जन्मे रबीश कुमार 27 दिसंबर 2006 को वायु सेना में भर्ती हुए। उनकी गिनती अच्छे व अनुशासित योद्धा के रूप में होती थी। सीएम ने उनके पिता बिन्दा सिंह को राहत राशि का चेक दिया।

लीडिंग एयर क्राफ्ट्समैन डूम्पा लक्ष्मूनायडू :
डूम्पा लक्ष्मूनायडू का जन्म 8 जून 1993 को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हुआ था। 28 मार्च 2012 को वे एक सैनिक के रूप में वायु सेना में शामिल हुए। इनकी गिनती अनुशासित सैनिकों में होती थी। मुख्यमंत्री ने इनके पिता डूम्पा रामनय्या को चेक देकर सम्मानित किया।
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