सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता की स्थिति है। मुख्यमंत्री की बात न तो मंत्री सुन रहे हैं और नहीं अधिकारी। सब अपनी ढपली, अपना राग अलाप रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक नहीं है और तबादलों का धंधा बदस्तूर जारी है। निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस के नाम पर वसूली चल रही है।
अखिलेश ने रविवार को जारी बयान में कहा कि स्टांप और पंजीयन विभाग में सैकड़ों तबादले निर्धारित अवधि बीतने के बाद हो गए। स्वास्थ्य मंत्री के विभाग में बड़े पैमाने पर पैरामेडिकल कर्मियों के तबादलों में गड़बड़ी पर बैठी जांच ठंडे बस्ते में है।
पीडब्ल्यूडी में ई-टेंडर घपला और सिंचाई विभाग चर्चा में हैं। सचिवालय में तीन दिन में फाइलों के निस्तारण के आदेश के बावजूद तीस दिन में भी फाइलों की धूल नहीं साफ होती है। कमाईदार विभागों में यह खेल बिना ऊपरी समर्थन के चल सकता है ?
उन्होंने ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ पर सवाल उठाए। कहा कि निवेशकों को नौकरशाह अंगुलियों पर नचाने से बाज नहीं आ रहे। जब देश के बड़े पूंजी घराने निवेश को तैयार नहीं हैं तो विदेश से यहां कोई क्यों आएगा? निर्यातक राज्य की अस्थिरता और उगाही नीति से घबरा गए हैं।