सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की धर्म और धन, दोनों राजनीति का अंत हो गया है। दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी कमी आई है और दूसरे देशों की पब्लिक को तेल के घटे दामों के रूप में लाभ मिला है। इसके विपरीत भारत में भाजपा सरकार दाम नहीं घटा रही है, कंपनियों को लगातार फायदा पहुंचाने में लगी है। भाजपा सरकार कंपनियों की सगी है, जनता की नहीं।
अखिलेश ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि देश में चीजों के दाम का अपना अनोखा भ्रष्ट अर्थशास्त्र है, जो मांग-आपूर्ति से नहीं, बल्कि भाजपा की कमीशनखोरी से चलता है। इसका खामियाजा आम जनता को महंगे तेल, परिवहन, यातायात, खाद्य पदार्थ व अन्य सभी सामान खरीद कर भुगतना पड़ रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के जिन भोले-भाले समर्थकों को लगता था कि भाजपा ऐसा काम नहीं कर सकती है, मंदिर-चोरी के बाद उनको भी समझ आ गया है कि भाजपा नेताओं के लिए धन ही धर्म है। अब तो भाजपा और उनके संगी-साथियों को देखकर लोग दरवाजा बंद कर ले रहे हैं। भाजपा के जिन करोड़ों वोटों में कमी आई है, उन वोटों की कमी को भाजपा पैसे से खरीद कर पूरा करना चाहेगी, पर धर्म के नाम पर की गई चोरी के पैसों को कोई नहीं लेना चाहेगा।