फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश यादव बोले: इंटरनेट जैसी तकनीकी सेवाओं पर हो सरकार का नियंत्रण, साइबर क्राइम से परेशान हैं लोग

Sun, 11 May 2025 12:13 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि तकनीकी की दौर में इंटरनेट जैसी सेवाओं पर सरकार का पूरी तरह से नियंत्रण होना चाहिए। 
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि आज लगभग हर हाथ में मोबाइल है। हर तरह के जमीनी, हवाई वाहनों और जलपोतों तक में जीपीएस लगा है और हर तरह की गतिविधि चाहे वो शासनिक-प्रशासनिक हो, बैकिंग हो या विविध संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान, सब कुछ इंटरनेट पर ही निर्भर है। ऐसे में कम्युनिकेशन एक बेहद संवेदनशील मुद्दा बन गया है। साइबर क्राइम निरंतर बढ़ रहा है और आम आदमी ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी सेवाओं पर देश की सरकार का निर्णायक नियंत्रण हर हाल में होना चाहिए ताकि सरकार आपात स्थिति में विदेशी कंपनियों पर तत्काल नियंत्रण कर सके।

विज्ञापन


अखिलेश यादव ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि वैश्विक संबंध सिर्फ अपने हाथ में नहीं होते हैं, इसीलिए इस क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हम कभी ये नहीं कह सकते कि कोई किसी का स्थायी मित्र है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंध व्यक्तिगत भी नहीं होते हैं, इसीलिए ऐसे गंभीर मुद्दों पर एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से तकनीकी भले ले ली जाए परंतु आत्मनिर्भरता के प्रयास कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार अपनी एजेंसियों का दुरुपयोग करके स्थानीय कारोबारियों को परेशान करती है, निवेश करने वालों से कमीशन मांगती है और दूसरी तरफ विदेशी कंपनियों के लिए स्वागत द्वार बनाती हैं। जब तक देश के व्यापारियों के लिए सुरक्षित माहौल नहीं होगा तब तक उत्पादन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट का सकारात्मक वातावरण नहीं बनेगा। ऐसे में हम चीन जैसे देशों से आयात करके अपना धन उन्हें देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमारे देश की कंपनियां दूसरे देशों की एजेंट बनकर रह गयीं तो ट्रेड भले विकसित हो, लेकिन विकास और उत्पादन क्षमता घटती जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें