समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा है। इसमें मतदाता सूची में त्रुटियों और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर आपत्ति जताई गई है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए जरूर कदम उठाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में रायबरेली के ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र का मुद्दा उठाया। आरोप है कि कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय के दबाव में 17 मतदेय स्थलों का पुनर्गठन हुआ है। इससे सपा समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र से बहुत दूर कर दिया गया। पार्टी ने इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। सपा ने 7 अप्रैल 2026 को भी यह मांग मुख्य चुनाव आयुक्त से की थी। साथ ही स्थानीय चुनावी मशीनरी पर चुनाव आयोग के नियमों के विपरीत काम करने का आरोप भी लगाया था।
इसी तरह से प्रयागराज के दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। कहा गया है कि कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के घर के सामने के मतदेय स्थलों पर मुस्लिम मतदाताओं का भी नाम है। मतदान के दिन इन मुस्लिम मतदाताओं को मंत्री समर्थक रोक सकते हं। सपा ने इन केंद्रों को अन्य महाविद्यालयों में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था।
आरोप है कि अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री के दबाव में सपा के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कासगंज विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1000 डुप्लीकेट मतदाता और अन्य त्रुटियां मतदाता सूची में मिली हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल थे।