दर्दनाक गैंगरेप की वारदात से राजधानी लखनऊ शर्मसार है, पर सीएम अलिखेश यादव को दुनिया की ज्यादा फिक्र है। इससे तमाम सवाल उठ रहे हैं।
एक तरफ सोशल मीडिया पर गैंगरेप पर सरकार की जबरदस्त आलोचना हो रही है, तो फेसबुक और ट्विटर पर एक्टिव रहने युवा सीएम मलेशिया के विमान हादसे पर फिक्रमंद हैं। अखिलेश ने यह भी नहीं सोचा कि वे उत्तर प्रदेश के मुखिया हैं और लखनऊ राजधानी।
उन्होंने रात करीब एक बजे ट्विटर और फेसबुक पर मलेशियाई एयरलाइन के हादसे पर दुख व्यक्त किया, लेकिन शायद अखिलेश भूल गए कि लखनऊ में भी बदायूं और निर्भया से भी ज्यादा दर्दनाक गैंगरेप को अंजाम दिया गया।
लखनऊ के लिए क्यों नहीं दुखा दिल?
अखिलेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में एमएच 17 के हादसे पर दुख जताते हुए यहां तक लिख डाला कि इस घटना के बारे में जानकर उनका कलेजा मुंह को आ रहा है।
उन्होंने सभी 295 मृतकों के परिजनों के लिए कामना भी की और लिखा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दी जानी चाहिए।
सवाल यह उठता है कि क्या अखिलेश को लखनऊ गैंगरेप के बारे में शोक की दो पंक्तियां नहीं लिखनी चाहिए थीं। क्या उस युवती का कोई परिवार नहीं, जिसे इस दर्दनाक घटना का दुख होगा? क्या यूपी की युवतियों में पैदा हुए खौफ के प्रति सीएम की जवाबदेही जरा भी नहीं?
इन्हें सिर्फ नेशनल मीडिया का डर!
मुमकिन है कि अखिलेश जवाब नहीं देंगे। वजह क्या है? नेशनल मीडिया का इस गैंगरेप को सुर्खियां न बनाना? सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम युवा हैं, जो यही वजह मान रहे हैं। जनता लगातार सवाल पूछ रही है, जवाब शायद चुनाव में जनता ही देगी।
गौरतलब है कि बदायूं गैंगरेप से लेकर निर्भया गैंगरेप तक और यूपी में मुजफ्फरनगर दंगे से लेकर सैफई में बॉलीवुड नाच तक, अखिलेश ने तभी सफाई दी, जब नेशनल मीडिया ने उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।
हालांकि अमर उजाला ने इस गैंगरेप के खिलाफ मुहिम शुरू करने का फैसला किया है। सरकार को उन लाखों लोगों को तो जवाब देना ही होगा और उन्हें तसल्ली भी देनी है कि उनके साथ ऐसा नहीं होगा।
इनको क्या जवाब देंगे अखिलेश?
ट्विटर पर लखनऊ गैंगरेप ट्रेंड भले ही नहीं बना है, पर अमर उजाला ने पाठकों से प्रतिक्रिया मांगी तो आलोचना के साथ तमाम सवाल भी सामने आए।
ट्विटर पर अंकित अग्रवाल पूछते हैं, क्या ये सब देखकर आपका खून खौलता है? कुछ युवा नेशनल मीडिया को टैग करके उनसे इस मामले को दिखाने की गुजारिश (फोटो देखिए) कर रहे हैं तो कुछ पीएम नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने को कह रहे हैं।
इस बीच अखिलेश ने लीक पर चलते हुए करीब साढ़े 11 बजे सिर्फ इतना किया है कि गैंगरेप की जांच एडीजी सुतापा सान्याल को सौंप दी है।