यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि कोई बड़ी खबर आ सकती है। हालांकि मुलाकात के बाद राज्यपाल ने बताया कि ये सीएम से सिर्फ एक शिष्टाचार के तहत मुलाकात थी। यूपी सरकार में अब तक जो भी डेवलपमेंट हुए हैं उनकी जानकारी ली गई है।
राज्यपाल ने बताया कि सीएम ने न तो कोई चिट्ठी दी है न ही विस्तार पर कोई चर्चा हुई। वहीं सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सीएम अखिलेश ने राज्यपाल को बहुमत पत्र सौंपा। शिष्टाचारिक भेंट के बीच ही उन्होंने करीब 205 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को दिया। इसके अलावा 23 अक्तूबर को विधानमंडल दल की बैठक का भी विस्तार दिया। सूत्रों की माने तो राज्यपाल ने भी समर्थन पत्र पर सकारात्मक रुख दिखाया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संवैधानिक संकट न होने की बात कही। बता दें कि रथ यात्रा पर कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करने के बाद सीएम अखिलेश यादव राज्यपाल राम नाईक से मिलने पहुंचे। वहीं इसी बीच सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव बेटे आदित्य के साथ दिल्ली रवाना हो गए। 5 नवंबर को होने वाली सपा की रजत जयंती में सभी को एक ही मंच पर लाने की रणनीति है। समारोह में शामिल होने के लिए शरद यादव, नीतीश कुमार, लालू और देवगौड़ा को निमंत्रण दिया गया है।