नई निवेश नीति बनने के बाद सूबे में नौ नए मेगा प्रोजेक्ट लगने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रोजेक्ट लगाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को शुक्रवार को लेटर ऑफ कम्फर्ट दिए। इन नौ प्रोजेक्ट में चार पूर्वांचल व मध्यांचल में हैं। इनसे अगले पांच साल में करीब 7500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 22 हजार लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे।
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सीएम आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार चाहती है कि निवेशकों को सूबे में अच्छा से अच्छा सहयोग मिले। इसीलिए सरकार नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाई। किसान व इंडस्ट्री के बिना कोई प्रदेश तरक्की नहीं कर सकता। सपा ने यह शुरुआत कर दी है। जहां सड़क व बिजली होती है वहां अपने आप उद्योग आने लगते हैं।
सरकार इस ओर बड़े स्तर पर काम कर रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बन रहा है। सरकार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे को बलिया तक जोड़ने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि बिना मेक इन यूपी के मेक इन इंडिया सफल नहीं हो सकता।
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वजह, यूपी आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य तो है ही सबसे बड़ा बाजार भी है। प्रदेश सरकार ने निवेश मित्र नीतियां व योजनाएं तो बनाई ही सड़क, बिजली, पानी और बिजली के काम भी पूरी प्राथमिकता से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि इन उद्यमियों ने मेक इन यूपी की शुरुआत कर दी है।
निवेशकों को 5000 करोड़ का इंसेंटिव
नौ मेगा प्रोजेक्ट लगाने वाले उद्यमी पांच साल में करीब नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। सरकार ने इन्हें करीब 5000 करोड़ का इंसेटिंव दिया है। लेटर ऑफ कम्फर्ट पाने वाले सैमसंग इंडिया के डिप्टी एमडी डॉ. ह्यून बैंग ने कहा कि सूबे में निवेश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रुचि बहुत मायने रखती है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के मुख्य तकनीकी अधिकारी अजय मिश्र ने रियल सिंगल विंडो सिस्टम के लिए सराहना की। केके मिल्क फ्रेश के प्रतिनिधि अक्षय कचरू ने कहा कि उनकी कंपनी यूपी में पिछले 25 साल से कारोबार कर रही है लेकिन निवेशकों को जितनी सुविधाएं पिछले तीन साल में मिली, इसके पहले नहीं मिली। कचरू ने बताया कि उनके प्रोजेक्ट से करीब 2000 लोगों को प्रत्यक्ष व 10 हजार को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
नीतियों से निवेश को मिली रफ्तार : गुप्ता प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास महेश कुमार गुप्त ने यहां बताया कि निवेश के मामले में यूपी देश के पांच अग्रणी राज्यों में शामिल है। निवेश को लेकर सरकार ने जो प्रयास किए, उसके नतीजे अब आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट से पांच सालों में करीब 22 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
इन्हें मिला लेटर ऑफ कम्फर्ट
सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स नोएडा : सैमसंग हैंडहेल्ड मोबाइल डिवाइस बनाती है। कंपनी 517.94 करोड़ की लागत से परियोजना का विस्तार करेगी। इसका उत्पादन 3.30 करोड़ से बढ़कर 4.80 करोड़ प्रतिवर्ष हो जाएगा। इससे 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
रिलायंस सीमेंट कंपनी: कंपनी 779 करोड़ की लागत से रायबरेली में दो चरणों में पोजोलोना पोर्टलैंड सीमेंट (पीपीसी) ग्रीन फील्ड परियोजना की स्थापना करेगी। इसके अलावा 682 करोड़ की लागत से अलीगढ़ एवं रोजा में पीपीसी ग्रीन फील्ड परियोजना की स्थापना करेगी। इन दोनों प्रोजेक्ट से 2450 लोगों को रोजगार मिलेगा।
इंडोगल्फ फ र्टिलाइजर्स : जगदीशपुर अमेठी में 3481.82 करोड़ की लागत से कंपनी वर्तमान में स्थापित फ र्टिलाइजर कॉम्पलेक्स का विस्तार करेगी। यहां नाइट्रोजन फ र्टिलाइजर्स (यूरिया) का उत्पादन करने वाली ब्राउन-फील्ड इकाई की स्थापना होगी। 3400 लोगों को रोजगार मिलेगा। जून-2018 में कंपनी उत्पादन शुरू कर देगी।
पसवारा पेपर्स मेरठ : कंपनी मोहीउद्दीनपुर मेरठ में 375.51 करोड़ की लागत से मल्टी लेयर स्पेशिएलिटी क्राफ्ट पेपर बनाने वाली इकाई की स्थापना करेगी। यह करीब 600 लोगों को रोजगार देगी। पहले चरण में यह 82.5 हजार मीट्रिक टन वार्षिक और दूसरे चरण में 1 लाख मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन करेगी।
श्री सीमेंट बुलंदशहर : 575 करोड़ की लागत से ग्रीन फ ील्ड भवन निर्माण उत्पाद बनाने वाली इकाई की स्थापना करेगी। कंपनी तीन लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष सीमेंट व तीन लाख क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष एरिएटेड ऑटोक्लेव कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक का उत्पादन करेगी। इससे करीब 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी मार्च 2016 तक उत्पादन शुरू कर देगी।
वैकमेट इंडिया मथुरा: मैन्युफैक्चरिंग व पैकेजिंग के क्षेत्र में काम करने वाली यह कंपनी मथुरा के छाता में 1500 करोड़ की लागत से बीओपीईडी फि ल्म, पेट चिप्स, मेटेलाइजिंग, कोटिंग, कन्वर्टिंग प्लांट, बीओपीपी फि ल्म बनाने वाली इकाई की स्थापना करेगी। यह कंपनी करीब 1450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगी। कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधि नहीं पहुंच सके।
केके मिल्क फ्रेशर इंडिया: कानपुर देहात के कुंभी में 286 करोड़ की लागत से कंपनी दूध पर आधारित तमाम तरह के देशी व विदेशी उत्पाद तैयार करेगी। यह दुग्ध उत्पाद तैयार करने वाली ग्रीन फील्ड इकाई होगी। कंपनी आठ लाख लीटर दुग्ध प्रोडक्ट प्रतिदिन तैयार करेगी। कंपनी करीब 9525 लोगों को रोजगार देगी।
गैलेंट इस्पात गोरखपुर: 378 करोड़ की लागत से कंपनी का विस्तारीकरण करेगी। कंपनी स्पॉज आइरन, स्टील बिलेट्स, एमएसबार, पैलेट प्लांट व 25 मेगावाट की कैप्टिव पावर उत्पादन इकाई की स्थापना करेगी।