प्रमुख सचिव के साइबेरिया वाले विवादित बयान पर अखिलेश यादव को सफाई देनी पड़ी है।
अखिलेश ने शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते सूबे के प्रमुख सचिव गृह को नसीहत दे डाली।
अखिलेश ने कहा कि अफसरों को मीडिया से बात करते वक्त शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस से बात करते समय सतर्क रहना चाहिए।
अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर अफसर सरकार की ओर से कोई बयान दे रहे हैं, तो उसमें अपनी भाषा का खासा ख्याल रखें। उन्होंने चेताया कि कहीं ऐसा न हो कि इससे सरकार ही कठघरे में न खड़ी हो जाए।
अखिलेश ने मुलायम की तर्ज पर मंत्री-विधायकों को भी आचरण ठीक रखने की हिदायत दी।
संवेदनहीनता का परिचायक
राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल गुप्ता ने प्रमुख सचिव गृह के बयान को संवेदनहीनता का परिचायक है। उन्होंने कहा, एक भी आदमी मर जाए, तो शासन-प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए, संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। इस तरह का बयान देकर दर्द नहीं बढ़ाना चाहिए।
बसपा ने मांगा इस्तीफा
बसपा ने प्रमुख सचिव गृह के बयान को सरकार की संवेदनहीनता से जोड़ते हुए सीएम अखिलेश से इस्तीफा मांगा है। इस पर अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा कि अब राहत कैंपों पर राजनीति की जा रही है।
गौरतलब है कि सूबे के प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने कहा था कि ठंड तो साइबेरिया में पड़ती है, तो क्या वहां लोग ठंड से मर जाते हैं।
उन्होंने कहा था कि यह आरोप गलत है कि बच्चों की मौत ठंड से, इलाज के अभाव से या किसी तरह की महामारी से हुई।
सरकार ने यह मान लिया है कि मुजफ्फरनगर में लगे राहत शिविरों में 34 बच्चों की मौत हुई है।