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'ED-CBI नहीं, SIT क्यों?': राम मंदिर दान चोरी पर अखिलेश का बड़ा दावा, बोले- दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई में दबी जांच

Mon, 06 Jul 2026 05:05 PM IST
विकास कुमार आईएएनएस, लखनऊ

सार

अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि पैसे को देखकर लोग पूरी तरह से अपना आपा खो बैठे हैं। हमारा मानना है कि जो कोई भी भगवान राम के जीवन का अध्ययन करता है, वह 'लक्ष्मण रेखा' (मर्यादा की रेखा) के बारे में जानता है फिर भी यहां हर किसी ने 'मर्यादा' की सीमाओं को लांघ दिया है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर परोक्ष रूप से तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के कथित दान चोरी मामले की जांच को सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के बजाय एक विशेष जांच दल (एसआईआटी) को सौंप दिया गया, क्योंकि पार्टी के भीतर 'आंतरिक सत्ता संघर्ष' चल रहा है।

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इनके पास सत्ता के दो केंद्र
अखिलेश यादव ने बीजेपी का नाम लिए बिना संकेत दिया कि उसके पास सत्ता के दो केंद्र हैं- एक लखनऊ में और दूसरा दिल्ली में। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को संभालने का तरीका इसी आंतरिक प्रतिद्वंद्विता से प्रभावित था।

ये जनता के आक्रोश से डरे हुए
अखिलेश ने कहा कि चढ़ावा, दान और योगदान चोरों के एक गिरोह के हाथ लग गया है। वे जनता के गुस्से का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। जैसा कि आपने जिक्र किया, वे जनता के आक्रोश से डरे हुए हैं, यही वजह है कि वे घरों के अंदर दुबके हुए हैं।

एसआईटी क्या है? इसकी रिपोर्ट किसे सौंपी गई?
जब पत्रकारों ने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का जिक्र किया, तो अखिलेश यादव ने अपनी बात को और विस्तार से समझाते हुए कहा कि आपने ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स से जुड़ी बात को ठीक से नहीं समझा। मैं सत्ता संघर्ष की बात कर रहा था। अगर ईडी, सीबीआई या इनकम टैक्स इसमें शामिल होते, तो जांच की कमान किसके हाथ में होती? दिल्ली नेतृत्व के कुछ भी कदम उठाने से पहले, लखनऊ गुट ने सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लिया। क्या आप इतनी सी बात भी नहीं समझ सकते? यह एसआईटी क्या है? इसकी रिपोर्ट किसे सौंपी गई? आप इस साधारण से सच को भी नहीं समझ पा रहे हैं।

पैसे देखकर आपा खो बैठे ये लोग
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि जांच एजेंसी का चुनाव खुद सत्ताधारी दल के भीतर के आंतरिक राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पैसे को देखकर लोग पूरी तरह से अपना आपा खो बैठे हैं। हमारा मानना है कि जो कोई भी भगवान राम के जीवन का अध्ययन करता है, वह 'लक्ष्मण रेखा' (मर्यादा की रेखा) के बारे में जानता है फिर भी यहां हर किसी ने 'मर्यादा' की सीमाओं को लांघ दिया है।

बीजेपी का पलटवार
इस बीच, राम मंदिर दान विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर बीजेपी ने सपा प्रमुख पर कड़ा पलटवार किया है। अखिलेश यादव की आलोचना का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही विपक्षी दलों पर लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण 
ब्रजेश पाठक ने कहा, 'यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, इस देश के लोग और सनातन धर्म का हर अनुयायी जानता है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया है। वे तो यहां तक दावा करते थे कि यह भी निश्चित नहीं है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था या नहीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने भी तर्क दिया था कि राम लला का जन्मस्थान स्थापित नहीं हुआ है।'
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उपमुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने भगवान राम के खिलाफ कई टिप्पणियां की हैं, जिन्हें भगवान राम कभी नहीं भूलेंगे और उन्हें अपने बयानों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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