सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार की संवेदनहीनता से प्रदेश के नौजवानों का भविष्य खतरे में है। नौकरियों में भर्तियां बंद हो गई हैं। एक साजिश के तहत नौकरियों के विज्ञापन देकर पेपरलीक के बहाने परीक्षाएं रद्द कर दी जाती हैं। भाजपा राज में हजारों नौजवान हताशा और कुंठा में अपनी जान गंवा चुके हैं। हक की मांग करने वाले नौजवानों पर पुलिस की लाठियां पड़ने लगती हैं।
अखिलेश ने कहा, सोमवार को पुलिस में भर्ती की मांग कर रहे नौजवानों पर क्रूरता से लाठीचार्ज किया गया। दर्जनभर से ज्यादा अभ्यर्थी घायल हुए। कई प्रदर्शनकारी बेहोश हो गए। सरकारी उत्पीड़न से परेशान 10 नौजवानों ने जहर खा लिया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
अखिलेश ने कहा कि इन नौजवानों का दोष यही है कि वे 2013 की पुलिस भर्ती की परीक्षा और मेडिकल के बाद अपनी नियुक्तियां किए जाने की मांग कर रहे हैं। वे कई बार पहले भी राजधानी लखनऊ में आकर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन गूंगी-बहरी सरकार उनकी बात सुनने और न्याय देने के लिए तैयार नहीं।
सपा अध्यक्ष ने कहा, समाजवादी सरकार में हजारों नौजवानों की भर्तियां हुई थीं। लखनऊ में आईटी हब, एचसीएल, अमूल प्लांट के माध्यम से बड़ी संख्या में नौकरियां देने के लिए कौशल प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई थी। भाजपा सरकार ने आते ही इन सब योजनाओं पर रोक लगा दी।
समाजवादी सरकार में शिक्षामित्रों, उर्दू मोअल्लिमों, आशा बहुओं, रसोइयां आदि के अलावा आंगनबाड़ी, पुलिस-पीएसी में भारी संख्या में भर्तियां की गई थी। भाजपा राज में सैकड़ों शिक्षामित्रों ने अपनी जान दे दी। वे अभी भी सड़कों पर आवाज उठा रहे हैं।
न्यायोचित मांग लेकर राजधानी आने वालों को लाठियों से पीटने के बाद फर्जी मामलों में फंसाने का काम किया गया। यह लोकतंत्र को आहत करने वाली कार्यवाही है। भाजपा सरकारें देश के भविष्य को अंधकारमय बनाने का जो पाप कर रही है, उन्हें जनता के प्रतिकार का परिणाम भुगतना पड़ेगा।