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यूपी: अखिलेश यादव का हमला, बोले-सरकार ने हर वादे को धुएं में उड़ाया

Mon, 31 May 2021 08:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अखिलेश ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में दिन रात एक कर मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों के संक्रमण में मृत्यु पर मुख्यमंत्री उनके परिवारजनों को आर्थिक मदद के एलान करते रहे
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सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार ने अपने ही घोषित निर्णयों का मजाक बनाकर लोकतंत्र की भावनाओं पर गहरा आघात किया है। चार वर्ष के कार्यकाल में ही भाजपा सरकार ने जनता के विश्वास को धोखा दिया है और सबके साथ के नारे को भुला दिया है। हर बार वादे को धुएं में उड़ाया है।
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अखिलेश ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में दिन रात एक कर मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों के संक्रमण में मृत्यु पर मुख्यमंत्री उनके परिवारजनों को आर्थिक मदद के एलान करते रहे। प्रधानमंत्री  तो कोरोना संक्रमण में जान गंवाने वालों की याद में कई बार भावुक होते दिखाई दिए हैं लेकिन हर वादे को धुएं की तरह हवा में उड़ा देने में भाजपा ने बड़ी महारत हासिल कर ली है।

कोरोना के कारण जान गंवाने वालों के साथ नाइंसाफी से भाजपा सरकार की अमानवीयता और संवेदनहीनता की साफ झलक मिलती है। कानपुर में जान गंवाने वाले दारोगा मुकेश आर्य के परिजनों को 7 माह बाद भी न ही नौकरी मिली और न ही पेंशन। मां को साथ लेकर बेटा अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। 
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कोरोना जान गंवाने वालों अधिकारियों की सूची में भी गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कानपुर के काकादेव थाने में तीन दारोगा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हुई मगर शासन को दो दारोगा के ही नाम भेजे गए। लखनऊ में कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले एलडीए के इंजीनियर एस के अग्रवाल के परिजनों को पीएफ का एक पैसा भी नहीं दिया गया।
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1600 से ज्यादा शिक्षक पंचायत चुनावों की ड्यूटी में अपनी जान गंवा बैठे। बेसिक शिक्षा मंत्री केवल 3 शिक्षकों का नाम लेकर रुक गए। बाद में दबाव पड़ने पर और नाम जोड़ने का निर्णय हुआ। बड़ी संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बूलेंस सेवा के भी कर्मी कोरोना संक्रमित हुए और उनकी सांसे थम गई। कुछ के परिवारों के एक मात्र कमाने वाले की मौत से तो आश्रितों का जीवन ही अंधकारमय हो गया है।

भाजपा न तो कोरोना से लड़ाई में गंभीर है और न ही कोरोना संक्रमित सेवा कर्मियों की शहादत का सम्मान करती है।  उसके नेता तो बस विधानसभा चुनाव लड़ने की रणनीति बनाने में ही जुटे हुए हैं।
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