सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार ने अपने ही घोषित निर्णयों का मजाक बनाकर लोकतंत्र की भावनाओं पर गहरा आघात किया है। चार वर्ष के कार्यकाल में ही भाजपा सरकार ने जनता के विश्वास को धोखा दिया है और सबके साथ के नारे को भुला दिया है। हर बार वादे को धुएं में उड़ाया है।
अखिलेश ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में दिन रात एक कर मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों के संक्रमण में मृत्यु पर मुख्यमंत्री उनके परिवारजनों को आर्थिक मदद के एलान करते रहे। प्रधानमंत्री तो कोरोना संक्रमण में जान गंवाने वालों की याद में कई बार भावुक होते दिखाई दिए हैं लेकिन हर वादे को धुएं की तरह हवा में उड़ा देने में भाजपा ने बड़ी महारत हासिल कर ली है।
कोरोना के कारण जान गंवाने वालों के साथ नाइंसाफी से भाजपा सरकार की अमानवीयता और संवेदनहीनता की साफ झलक मिलती है। कानपुर में जान गंवाने वाले दारोगा मुकेश आर्य के परिजनों को 7 माह बाद भी न ही नौकरी मिली और न ही पेंशन। मां को साथ लेकर बेटा अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
कोरोना जान गंवाने वालों अधिकारियों की सूची में भी गड़बड़ी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कानपुर के काकादेव थाने में तीन दारोगा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हुई मगर शासन को दो दारोगा के ही नाम भेजे गए। लखनऊ में कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले एलडीए के इंजीनियर एस के अग्रवाल के परिजनों को पीएफ का एक पैसा भी नहीं दिया गया।