प्रदेश की जनता के प्रति पुलिस की खास जिम्मेदारी होने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिसकर्मियों को जनता के बीच छवि बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी सीधे जनता के बीच रहते और कार्य करते हैं और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य व आचरण से सरकार की छवि बनती बिगड़ती है।
उन्होंने पुलिस के साथ ही मीडिया व राजनीतिज्ञों की भी जनता के प्रति समान जिम्मेदारी होने की बात कहने के साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह सूबे का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
मंगलवार को मोहर्रम के मौके पर पांच कालीदास स्थित अपने आवास में यूपी पुलिस के सौ नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन सालों में पुलिस बल की दूरी को कम करने के लिए एक लाख 20 हजार सिपाहियों की भर्ती की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने पुलिस के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम नाम की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मीडिया को दी सरकार के कार्यों को दिखाने की सलाह
यहां मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाए रखने के लिए प्रभावी योजनाएं बनाने को कहा और कहा कि हर वर्ष सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को कमेंडेशन डिस्क प्रदान की जाएग़ी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के लिए कई घोषणाएं की।
इनमें जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी हास्टल बनाने, लखनऊ में आवासीय उपयोग के लिए जमीन, आहार भत्ते में वृद्धि द्वितीय एसीपी का लाभ दिए जाने आदि की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि कुछ राजनीतिक दलों खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार की छवि धूमिल करने और प्रदेश का माहौल खराब करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लेकिन पुलिस अफसरों ने पूरी गंभीरता से काम कर ऐसे प्रयासों को विफल किया।
मुख्यमंत्री बोले कि मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है कि जिस तरह वह सरकार की आलोचना करती है वैसे ही सरकार के कार्यों को भी प्रदर्शित करे।
पुलिस अफसरों को दी सलाह
अखिलेश ने पुलिस अफसरों को जनता की भलाई का काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में पुलिस अफसरों को अपने दायित्वों के प्रति संवेदनशील होकर ही कार्य करना चाहिए। उन्हें किन्हीं बाहरी कारणों से प्रभावित होने से बचना चाहिए।
इस मौके पर सीएम ने राज्य सरकार द्वारा मेट्रो योजना को लाने, लैपटाप वितरण से लेकर 40 लाख लोगों को समाजवादी पेंशन योजना से जोड़े जाने, वीमेन पॉवर 1090 सेवा से लेकर 108 व 102 एंबुलेंस सेवा जैसे कार्यों का हवाला भी दिया।
इस मौके पर आयोजित समारोह को लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी एएल बनर्जी और एडीजी पुलिस मुख्यालय सूर्य कुमार शुक्ला ने भी संबोधित किया।
इनका किया लोकार्पण
- महिला थाना के प्रशासनिक भवन
- अग्निशमन केंद्रों के भवन
- थाना एवं कार्मिकों के लिए विभिन्न श्रेणी के आवास
- थानों का प्रशासनिक भवन
- पीएसी के लिए विभिन्न स्तर के भवन व बैरक आदि।
यह हुई घोषणाएं
- हर जिला मुख्यालय पर कर्मचारी हास्टल बनवाए जाएंगे। (इसके तहत बड़े जिलों में 50 कमरे, मध्यम में 25 व छोटे जिलों में दस कमरे का हास्टल बनेगा।)
- लखनऊ में पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था के लिए वृंदावन कालोनी के पास 25 एकड़ भूमि आवंटित की जाएग़ी।
- पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों के आहार भत्ते में वृद्धि।
- हर जिले में पुलिस क्लब के लिए पांच से दस लाख रुपये।
- शासकीय कर्तव्य के दौरान विभिन्न आरोपों का सामना कर रहे पुलिस कर्मियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना।
- वर्ष 2009 से 2013 तक जिन पुलिसकर्मियों की सेवा 16 वर्ष हो गई है और उन्हें दूसरी एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन) का लाभ नहीं मिला है, उन्हें द्वितीय एसीपी का लाभ दिया जाना।