मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि केंद्र किसानों की मदद के लिए पैसा नहीं दे रहा, इसके बावजूद मंच सजाकर झूठा प्रचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के फसलों के नुकसान की जानकारी केंद्र को दे दी। राज्य के खजाने से अब तक 2000 करोड़ रुपये खर्च किए। प्रधानमंत्री को चिट्ठियां लिखीं। इसके बावजूद कोई सहायता नहीं मिली।
मुख्यमंत्री ने ये बातें बेमौसम बारिश और ओलों से फसलों की बर्बादी के कारण आत्महत्या करने व सदमा न झेल पाने के कारण हार्टअटैक से जान गंवाने वाले किसानों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता देने के बाद कही।
उन्होंने शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में ऐसे 51 किसानों के परिवारीजनों को 7-7 लाख रुपये के चेक सौंपे।
बांदा के 18, मैनपुरी के नौ, महोबा के आठ, मुजफ्फरनगर व बदायूं के 5-5, हमीरपुर के तीन, संभल के दो व प्रतापगढ़ के एक किसान के परिवारीजनों को ये चेक मिले। प्रदेश में ऐसी असामयिक मौत वाले 89 किसानों के परिवारीजनों को सहायता मिलेगी।
केंद्र सरकार को देना चाहिए 20 लाख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को सूबे में ज्यादा वोट और सीटें मिली हैं, ऐसे में उनकी सरकार को किसानों की हमसे ज्यादा मदद करनी चाहिए। हम सात लाख रुपये दे रहे हैं तो उन्हें 14 लाख या 20 लाख देने चाहिए।
यहां सीएम से सवाल हुआ कि भाजपा के मंत्री और नेता तो हजारों करोड़ रुपये देने की बात कर रहे हैं। सीएम ने पलटकर सवाल किया कि कहां दे दिया? किस जेब में डाल दिया? आज तो हम सदरी भी पहन कर नहीं आए हैं।
मुख्यमंत्री ने चुनौती वाले लहजे में कहा कि हम उनसे पूछना चाहते हैं कि कितना दिया? बताएं कि दैवी आपदा व फसलों को नुकसान की भरपाई के लिए कितना पैसा दिया? वे सिर्फ शिविर, माइक, मंच और भाषण में इस तरह की बातें कहते हैं।
पीएम का विदेश जाना खराब बात नहीं
पीएम की विदेश यात्रा से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा कि विदेश जाना खराब बात नहीं है लेकिन देखने की बात है कि निवेश कितना आ रहा? विदेशों को मुनाफा कितना जा रहा है?
सीएम अखिलेश बोले, सुप्रीम कोर्ट से न लड़ाइए
सरकारी विज्ञापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ही असर था कि कार्यक्रम में लगाए गए बैनर पर सीएम की फोटो नहीं थी। पहले ऐसे कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की फोटो जरूर नजर आती थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार के रुख को लेकर सवाल हुआ तो मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से न लड़ाइए। मैंने तस्वीर की लड़ाई कभी नहीं की।
केंद्र चार फूड पार्क दे, यूपी जमीन देने को तैयार
मुख्यमंत्री ने अमेठी फूड पार्क निरस्त करने को लेकर भाजपा व कांग्रेस के बीच मचे हंगामे का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र ने इसी के साथ कन्नौज फूड पार्क को भी निरस्त कर दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र को दो फूड पार्क निरस्त करने की जगह सूबे में चार फूड पार्क स्थापित करने चाहिए। प्रदेश सरकार इसके लिए जमीन देने को तैयार है।
मथुरा के ओलावृष्टि पीड़ितों की भी करेंगे मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन पहले मथुरा में फिर बारिश हुई है और ओले गिरे हैं। खेत खाली होने की वजह से बारिश-ओलों से फसलों को तो नुकसान नहीं हुआ लेकिन कुछ लोगों की मौत की सूचना आई है। सरकार उनके आश्रितों को हरसंभव मदद देगी।
कलाम जैसा सोचते हैं, हम वैसा ही कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आए थे। उन्होंने नौ बिंदुओं पर काम का सुझाव दिया, पर खुशी की बात है कि प्रदेश सरकार उन सभी बिंदुओं पर पहले से काम कर रही थी। यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
समाजवादी लिफाफे में सहायता के चेक
सुप्रीम कोर्ट से न लड़ाने की बात करने वाले मुख्यमंत्री जिस लिफाफे में पीड़ित किसानों को सहायता का चेक दे रहे थे, उस पर न सिर्फ उनकी फोटो थी बल्कि पूरा लिफाफा ही समाजवादी लुक में था।
बाद में पता चला कि ये चेक जिलों से बनकर आए हैं और हर जिले के लिफाफे भी अलग-अलग हैं। ऐसे में समाजवादी लिफाफे में सरकारी सहायता दिलाने का साहस प्रदेश सरकार ने नहीं बल्कि बांदा के कलेक्टर ने कर दिखाया।