मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बिजली के मामले में असहयोग का आरोप दोहराया है। उन्होंने कहा कि वहां से न तो प्रदेश के कोटे की पूरी बिजली मिल रही है और न ही कोयला।
यहां तक कि पत्र का जवाब तक नहीं दे रहे हैं। अब सरकार बिजली व कोयले का रोज ट्विटर पर हिसाब देगी। उद्यमी महासम्मेलन में उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को ट्विटर पर बिजली व कोयले का हिसाब-किताब देने का निर्देश भी दे दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें लैपटॉप पसंद नहीं है लेकिन ट्विटर पसंद है। ऐसे में हमने तय किया है कि बिजली व कोयले का हिसाब ट्विटर पर ही दिया जाए।
इसमें प्रदेश का केंद्र से मिलने वाला कोटा व रोज मिल रहे कोयले व बिजली का ब्यौरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले के लिए नौ एमओयू किए लेकिन आवंटन एक भी नहीं किया।
उद्यमियों को देंगे महीने का एक दिन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए अब महीने का पूरा एक दिन देने का ऐलान किया है। अगले महीने से वह तय दिन पर शासन के आला अफसरों के साथ उद्यमियों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं हल कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को यह ऐलान उद्यमी महासम्मेलन में उद्यमियों की तमाम समस्याएं सुनने के बाद किया। उन्होंने मंच से ही मुख्य सचिव को उद्यमियों की मांगों व सुझावों पर तेजी से विचार कर कार्रवाई का निर्देश भी दे दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, उद्योग व कृषि को साथ लेकर चलने वाले ही आगे बढ़ेंगे। आज प्रतिस्पर्धा का जमाना है। फ्लिपकार्ट से बिजनेस हो रहा है। सरकार उद्यमियों की हर समस्या का समाधान करेगी।
उद्यमियों को माहौल की दी जानकारी
मुख्यमंत्री गोमतीनगर के इंदिरा प्रतिष्ठान में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन व सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित उद्यमी महासम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने पिछली बसपा सरकार केकार्यकाल में उद्योगों पर ध्यान न देने के लिए आलोचना भी की। मुख्यमंत्री ने आगरा एक्सप्रेस-वे, जिलों को फोर लेन सड़कों से जोड़ने के साथ प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना है। अपना प्रदेश जनसंख्या में बड़ा है तो यहां बाजार भी सबसे बड़ा है। राजनीति में भी आगे है। ऐसे में यहां औद्योगिक विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।