गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि सिर्फ डीएम की रिपोर्ट ही काफी नहीं है, एलआईयू की रिपोर्ट भी देख लेनी चाहिए। उसमें भी तमाम बातें आई हैं।
अखिलेश ने एक बार फिर कह दिया कि माहौल खराब करने वालों पर कार्रवाई होगी। यही वजह है कि नागपाल का निलंबन किया गया है। अखिलेश यह भी कह गए कि नागपाल का निलंबन वापस नहीं होगा।
अखिलेश ने कहा कि खनन को लेकर नागपाल पर कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने साफ किया कि प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीण लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे माहौल खराब हो।
अखिलेश ने बातों-बातों में माया सरकार व अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए यह भी कह दिया कि इसमें राजनीतिक साजिश हो रही है।
दूसरी तरफ, सूत्रों के मुताबिक डीएम ने अपनी रिपार्ट में आईएएस दुर्गा को क्लीन चिट दी है।
डीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि दुर्गा ने अपने एसडीएम कार्यकाल के दौरान किसी धार्मिक ढांचे की दीवार नहीं गिराई।
रिपोर्ट के मुताबिक कदालपुर गांव में अतिक्रमण की सूचना मिलने के बाद दुर्गा वहां पहुंची और बातचीत के जरिए ही मामले को सुलझा लिया था।
हरमिंदर की मौत के वक्त कहां थी आईएएस एसोसिएशन?
दुर्गाशक्ति के निलंबन के मामले में अखिलेश यादव ने आईएएस एसोसिएशन को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में तो एसोसिएशन के लोग मुख्यमंत्री कार्यालय में घुस तक नहीं पाते थे।
वरिष्ठ आईएएस हरमिंदर राज सिंह का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में एक आईएएस की मौत हुई। यह हत्या थी या आत्महत्या आज तक पता तक नहीं लग सका। तब कहां था आईएएस एसोसिएशन?
हमने आईएएस एसोसिएशन को जिंदा किया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल की। अब एसोसिएशन इस मामले को तूल देने में जुटा है।
बसपा से हमें ईमानदारी सीखनी पड़ेगी?
बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अखिलेश ने कहा कि अब क्या हमें उस दल से ईमानदारी सीखनी पड़ेगी। पांच साल में उस दल ने कितनी ईमानदारी से सरकार चलाई? क्या-क्या कारगुजारियां कीं?
कितनी ईमादारी से काम हुआ? यह सबके सामने है। बेहतर है कि उस दल की नेता हमें ईमानदारी की नसीहत न दें। उनकी ईमानदारी के बारे में सबको पता है।