यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर राज्यों को वित्तीय रूप से बोझिल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने ने कहा कि हर राज्य की जरूरत अलग-अलग होती है और ऐसे में संभावित नए निकाय को ‘सभी के लिए एक नीति’ के सिद्धांत को छोड़ना होगा।
उन्होंने राज्यों को उनकी जरूरत के हिसाब से योजनाओं के क्रियान्वित में पूरी स्वतंत्रता देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पांच वर्षीय योजना को अंतिम रूप देने से पहले राज्यों से राजनीतिक और आधिकारिक स्तर पर विचार-विमर्श होना चाहिए। अगर ऐसा संभव नहीं है तो केंद्र राज्य को राशि मुहैया कराकर उन्हें अपने हिसाब से योजना बनाने दे।
इस बारे में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई केंद्रीय योजनाएं राज्य के अनुकूल नहीं होने के बावजूद ढोनी पड़ती है।
केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संदर्भ में जेटली ने भी कहा कि हर किसी के लिए एक योजना की बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं बनाई जा सकती, जो सभी राज्यों के लिए उपयुक्त हो।